State Government vs BHUDHARU LAHARE
Party Details
- State Government
- BHUDHARU LAHARE
Case Summary
State Government filed Case No. 4 in the District Court on 3 Jan 2023 against BHUDHARU LAHARE. The case has undergone 3 hearings over 1 month. The case is currently pending. 1 order has been issued in this matter.
Hearing History (3)
- 11FEB 2023DisposedView Order ↗
Judge: 1st CIVIL JUDGE JUNIOR DIVISION AND JMFC DABHARA
- 4FEB 2023Lok adalatView Order ↗
Judge: 1st CIVIL JUDGE JUNIOR DIVISION AND JMFC DABHARA
- 3JAN 2023ChargeView Order ↗
Judge: 1st CIVIL JUDGE JUNIOR DIVISION AND JMFC DABHARA
Orders (1)
- 11FEB 2023Copy of JudgmentView Order ↗
Order No: 1
Judgement DetailsView full order PDF ↗
नेशनल लोक - अदालत खण्डपीठ क्रमाँक 19 डभरा ( छ . ग .) प्रकरण क्रमाँक 04/2023 संस्थि त दिनाँक 03.01.2023 अपराध क्रमाँक 505/2022 नेशनल लोक - अदालत की तिथि - 11.02.2023 संबंधित न्यायालय का नामः- रवि कुमार महोबिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डभरा, (छ.ग.) प्रकरण क्रमाँक ः- 04/2023 पक्षकारों के नाम ः- राज्य वि. बुधारु लहरे -------------------------------- 11.02.2023 आज दिनांक को नेशनल लोक अदालत के समक्ष प्रकरण निराकरण हेतु रखा गया। प्रार्थी/आहत स्वयं उपस्थि त। अभियुक्त स्वतः उपस्थि त। उभय पक्षकारों ने संयुक्त रुप से आवेदन प्रस्तुत कर राजीनामा की अनुमति हेतु निवेदन किया है। आवेदन पर विचार किया गया। अभियुक्त के विरुद्घ धारा 294, 506, 323, 427 भा.द.सं. के अंतर्गत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें धारा 294 एवँ 506 भा.द.सं. न्यायालय की आज्ञा से पीडित पक्षकार द्वारा राजीनामा किये योग्य है एवँ धारा 323 भा.द.सं. न्यायालय की अनुमति के बिना ही राजीनामा योग्य है। प्रार्थी/आवेदक पीडित व्यक्ति है, वह राजीनामा करने किए विधि के अनुसार सक्षम है। अभियुक्त पूर्व दण्डि त नहीं है। उभय पक्ष आपस में शांति एवँ सद्घभावना से रहने के लिए बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से आपस मे राजीनामा कर लिये है। अतः उभयपक्ष के बीच शांति एवँ सद्घभावना बनाये रखने के लिए अभियोगी को राजीनामा की अनुमति प्रदान की गई। अभियोगी एवँ अभियुक्त के द्वारा राजीनामा आवेदन प्रस्तुत कर सूचित किया गया है कि इस प्रकरण में उनके मध्य स्वेच्छापूर्वक राजीनामा हो गया है। राजीनामा तस्दीक किया गया। राजीनामा लोकहित के विरुद्घ नहींं है। अतः राजीनामा आवेदन स्वीकार किया गया। अभियुक्त प्रेमचंद बघेल को दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 320(8) के अनुसार धारा 294, 506, 323 भा.दं.सं. के आरोप से दोषमुक्त किया जाता है। प्रकरण में जप्तशुदा संपत्ति मूल्यहीन होने से विधिवत नष्ट किया जावे। प्रकरण का परिणाम दर्ज कर विहित समयावधि के भीतर विधिवत अभिलेखागार भेजा जावें। सही/- सही/- सदस्य पीठासीन अधिकारी (बी.एस. पटेल)