State Government vs NARENDRA SINGH
Party Details
- State Government
- NARENDRA SINGH
Case Summary
State Government filed Case No. 440 in the District Court on 13 Apr 2023 against NARENDRA SINGH. The case has undergone 6 hearings over 7 months. The case is currently pending. 1 order has been issued in this matter.
Hearing History (6)
- 31JAN 2024DisposedView Order ↗
Judge: IVth A.D.J./Spl. J.(E.C. Act)
- 9JAN 2024EvidenceView Order ↗
Judge: IVth A.D.J./Spl. J.(E.C. Act)
- 24NOV 2023EvidenceView Order ↗
Judge: IVth A.D.J./Spl. J.(E.C. Act)
Orders (1)
- 31JAN 2024copy of JudgementView Order ↗
Order No: 1
Judgement DetailsView full order PDF ↗
1 UPEW010021642023 न्यायालय वविशे्ष न्यायाधीश(आ०वि०अधध०)/अपर जनपद न्यायाधीश, कोरर संखया-4, इराविा । पीठासीन अधधकारी-जनादरन पसाद यादवि, उच्चतर न्याधयक से्विा। J.O Code-UP6431 वविशे्ष विाद सं०-440/2023 राज्य पधत नरे्न्् ्रसि पुत रंरारा सस, वनविासी रसलाााद, थाना ासरे्िर, जजला इराविा। अ.सं.146/2020 धारा-135 वविद्युत अधधवनय सस। थाना ए.पी.री, जजला इराविा। 31.01.2024 पताविली आज लोक अदालत ससे पे्श िुई। अभभियुक उपपसससथत िै। अभभियुक की आे्र से् कथन वकया रया िै वक उसने् वविद्युत वविभिार दारा वनधार्रत राजसससवि वनधारध वि श ससन शुलक ज ससा कर वदया िै, अा उस पर वविद्युत वविभिार का कोइर ाकाया शे्ष निी िै। अभभियुक दारा उक अभभियोर को श ससन के् आधार पर लोक अदालत ससे वनसससता्रत वकये् जाने् की पाथरना की रइर िै। उभिय पक्ष को सुना एविं पताविली का अविलोकन वकया। पताविली के् अविलोकन से् वविवदत िोता िै वक अभभियुक दारा राजसससवि वनधारध की धनराभश 6472/-रू० एविं श ससन शुलक धनराभश2000/-रुपये् ज ससा वकया वकया रया िै। जजसके् सम्ान्ध ससे पताविली पर अधधशाष ी अभभियन्ता, इराविा का पत संखया 5884 वदनांवकत 22.11.2022 की पधत संलग्न िै। वविशे्ष लोक अभभियोजक वविद्युत ने् उपरोक राजसससवि वनधारध वि श ससन शुलक की धनराभश अभभियुका दारा ज ससा वकया जाना सससविीकार करते् िुये्, उक अभभियोर की कायरविािी श ससन के् आधार पर स ससाप वकए जाने् िे्तु सि ससधत यक की िै। अभभियुक के् वविरूद धारा-135 भिारतीय वविद्युत अधधवनय सस ससे आरोप पत पे्वष त वकया रया िै। उक अपराध श ससनीय पकृधत का अपराध िै, जजस ससे वविभिार दारा राजसससवि वनधारध धनराभश वि श ससन शुलक पाप करके् ससा ससले् का श ससन वकया जाता िै। न्यायालय के् ससतानुसार चलँवक आरोवपत धारा-135 भिारतीय वविद्युत अधधवनय सस अन्तररत धारा 152 (1) श ससनीय िै। अतः न्यायवित ससे वविशे्ष विाद श ससन वकये् जाने् योगय िै। आदे्श अभभियुक नरे्न्् ्रसि के् वविरूर अपराध अंतररत धारा-135(1)(a) वविद्युत अधधवनय सस, वविद्युत अधधवनय सस की धारा-152(2) के् आधार पर श ससन करते् िुये्, वविशे्ष विाद की कायरविािी स ससाप की जाती िै।तदनुरूप अभभियुक नरे्न्् ्रसि को धारा- 135(1)(a)वविद्युत अधधवनय सस के् अपराध से् दोष ससुक वकया जाता िै। अभभियुक ज ससानत पर िै। उसका ान्धपत वनरसससत वकया जाता िै तथा जाव ससनदार को उसके् दाधयिवि से दाधयिवि से् उन् ससोधचत वकया जाता िै। पताविली वनय ससानुसार दाखखिल अभभिले्खिारार िो। (जनादरन पसाद यादवि) वविशे्ष न्यायाधीश (आ.वि.अधध.)/ अपर सत न्यायाधीश, कोरर सं.4, इराविा। 31.01.2024 Digitally signed by JANARDAN PRASAD YADAV Date: 2024.02.02 15:16:17 IST Reason: Document Owner Location: District and Sessions Court % DSUnknown q 1 G 1 g 0.1 0 0 0.1 9 0 cm 0 J 0 j 4 M []0 d 1 i 0 g 313 292 m 313 404 325 453 432 529 c 478 561 504 597 504 645 c 504 736 440 760 391 760 c 286 760 271 681 265 626 c 265 625 l 100 625 l 100 828 253 898 381 898 c 451 898 679 878 679 650 c 679 555 628 499 538 435 c 488 399 467 376 467 292 c 313 292 l h 308 214 170 -164 re f 0.44 G 1.2 w 1 1 0.4 rg 287 318 m 287 430 299 479 406 555 c 451 587 478 623 478 671 c 478 762 414 786 365 786 c 260 786 245 707 239 652 c 239 651 l 74 651 l 74 854 227 924 355 924 c 425 924 653 904 653 676 c 653 581 602 525 512 461 c 462 425 441 402 441 318 c 287 318 l h 282 240 170 -164 re B Q 2