Lalu Banwasi vs NAndu Yadav
Party Details
- Lalu Banwasi
- NAndu Yadav
Case Summary
Lalu Banwasi filed Case No. 128 in the District Court on 21 Mar 2023 against NAndu Yadav. The case has undergone 4 hearings over 4 months. The case is currently pending. 1 order has been issued in this matter.
Hearing History (4)
- 28AUG 2023DisposedView Order ↗
Judge: Special Judge(SC/ST Act)
- 30JUN 2023HearingView Order ↗
Judge: Special Judge(SC/ST Act)
- 29JUN 2023HearingView Order ↗
Judge: Special Judge(SC/ST Act)
Orders (1)
- 28AUG 2023JudgementView Order ↗
Order No: 1
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न्यायालय विशेष न्यायालय, एस०सी०/एस०टी (पी०ए०) एक्ट, गाजीपुर। प्रकीर्ण फौजदारी वाद संख्या-530-2022 जे ०ओ०कोड० यू०पी० 6078 CNR.No-UPGH.01004283-2019 मुन्नी लाल बनाम अच्छेलाल नाई आदि मु०अ०सं०-60/2022 धारा- 419,420,504,506, भा०दं०सं० एवं 3(2)5,एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट थाना- कोतवाली, जिला- गाजीपुर। दिनांकः - 28.08.2023 पत्रावली पेश हुई। पत्रावली के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि मुकदमा अपराध संख्या 60/2022 अन्तर्गत धारा- 419, 420, 504, 506, भा०दं०सं० एवं 3(2)5,एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट , वर्णित कथन के अन्तर्गत विवेचना उपरान्त विवेचक द्वारा एफ०आर०/अन्ति म आख्या संख्या- 01/2022 न्यायालय के समक्ष प्रेषित किया गया है, तथा जिसमें मुख्य रूप से यह तथ्य स्पष्ट किया गया है कि वादिनी मुकदमा मुन्नी लाल का दो लाख रूपये एम0 बी0 के0 बिजनेस डेबलेपमेन्ट इण्डि या कम्पनी लिमिटेड में जमा कराने के संबंध में कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए वादिनी मुकदमा मुन्नी लाल द्वारा बताया गया है कि दिनांक-13.05.2014 को एम0 बी0 के0 बिजनेस डेबलेपमेन्ट इण्डि या कम्पनी लिमिटेड में निवेश किया है, जो कि उक्त कम्पनी वर्ष-2000, में बन्द हो गयी थी। वादिनी मुकदमा द्वारा अपना दो लाख रूपया एम0 बी0 के0 बिजनेस डेबलेपमेन्ट इण्डि या कम्पनी लिमिटेड में निवेश करने का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए आज तक की तमामी विवेचना, बयान वादी, घटना स्थल, बयान गवाहान एवं घटना का घटित होना नहीं पाया जाता है। इसलिए प्रस्तुत प्रकरणण में अन्ति म रिपोर्ट प्रेषित करते हुए उक्त एफ०आर०/अन्ति म आख्या को स्वीकार किये जाने का अनुरोध किया गया है। मुकदमा वादिनी व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थि त नहीं है। तथा विवेचक द्वारा दिया गया प्रथम दृष्टया विधि सम्मत होना प्रतीत होता है। प्रेषित किया गया एफ०आर०/अन्ति म आख्या स्वीकार कि जाती है। आदेश तद्नुसार मुकदमा अपराध सं०-60/2022, अन्तर्गत धारा-419,420,504,506, भा०दं०सं० एवं 3(2)5,एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट, थाना-कोतवाली, जिला गाजीपुर में पुलिस द्वारा प्रेषित अन्ति म आख्या स्वीकार की जाती है। पत्रावली नियमानुसार दाखि ल दफ्तर हो। (मो० गजाली) विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी० (पी०ए०)एक्ट, गाजीपुर। न्यायालय विशेष न्यायालय, एस०सी०/एस०टी (पी०ए०) एक्ट, गाजीपुर। प्रकीर्ण फौजदारी वाद संख्या वाद संख्या-128-2023 जे० ओ०कोड० यू०पी० 6078 CNR.No-UPGH.01004776-2019 लालू बनवासी बनाम नन्दू यादव आदि मु०अ०सं०-279/2021 धारा- 323, 504, 506, भा०दं०सं० एवं 3(1)द, 3(1)ध एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट थाना- सैदपुर, जिला- गाजीपुर। दिनांकः - 28.08.2023 पत्रावली पेश हुई। मुकदमा वादी लालू बनवासी न्यायालय के समक्ष उपस्थि त है तथा उसके द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रार्थना पत्र जो कि शपथ पत्र के समर्थित है। कामाख्या द्वारा न्यायालय के समक्ष यह कथन किया गया है कि वो प्रस्तुत प्रकरणण में मुकदमा आगे नहीं चलाना चाहता है तथा उसके विवेचक द्वारा विवेचना उपरान्त प्रेषित की गयी अन्ति म आख्या/ एफ०आर० को स्वीकार किये जाने का अनुरोध किया गया है। मुकदमा वादी लालू बनवासी व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थि त है। तथा उसके द्वारा अपने फोटो एवं आधार कार्ड, पहचान पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पत्रावली के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि विवेचक द्वारा एफ०आर०/अन्ति म आख्या इस आधार पर न्यायालय के समक्ष प्रेषित किया गया है कि विवेचना के दौरान साक्षीगणण एवं मुकदमा वादी आदि के बयान के आधार पर विपक्षीगणण के विरूद्ध किसी प्रकार का कोई अपराध कारित किया जाना नहीं बनता है। तथा साक्षीयों के अभाव में विवेचक द्वारा इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत एफ०आर० संख्या 02/2023 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कि गयी है जो कि प्रथम दृष्टया विधि सम्मत होना पाया जाता है, जैसा कि मुकदमा वादी द्वारा भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए प्रस्तुत एफ०आर० 02/2023 अन्तर्गत धारा- 323, 504, 506, भा०दं०सं० एवं 3(1)द, 3(1)ध एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट को स्वीकार किये जाने योग्य है। आदेश तद्नुसार मुकदमा अपराध सं०-279/2021, अन्तर्गत धारा-323, 504, 506, भा०दं०सं० एवं 3(1)द, 3(1)ध एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट, थाना-सैदपुर, जिला गाजीपुर में पुलिस द्वारा प्रेषित अन्ति म आख्या स्वीकार की जाती है। पत्रावली नियमानुसार दाखि ल दफ्तर हो। (मो० गजाली) विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी० (पी०ए०)एक्ट, गाजीपुर। न्यायालय विशेष न्यायालय, एस०सी०/एस०टी (पी०ए०) एक्ट, गाजीपुर। प्रकीर्ण फौजदारी वाद संख्या-50-2019 CNR.No-UPGH.
R.No-UPGH.01001931-2019 मंजू देवी बनाम पप्पू सिंह मु०अ०सं०-68/2018 धारा- 323, 504, 506, 354(ख) भा०दं०सं० एवं 3(2)5a, एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट थाना- बरेसर, जिला- गाजीपुर। दिनांकः - 22.08.2023 पत्रावली पेश हुई। अन्ति म आख्या/एफ०आर० पर विशेष अभियोजन आधिकारी की बहस सुनी गयी। तथा पत्रावली का अवलोकन किया गया। पत्रावली के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि प्रस्तुत प्रकीर्ण मे मुकदमा वादी पर नोटिस तामील होने के बावजूद भी वह न्यायालय के समक्ष उपस्थि त नहीं है। प्रस्तुत अन्ति म आख्या वर्ष 2019 की है। तथा सुनवाई हेतु लंबित है। यह कि वर्ष 2019 से लेकर आज तक मुकदमा वादिनी पर नोटिस तामील होने तथा पुर्व में न्यायालय के समक्ष उपस्थि त होने के बावजूद भी प्रस्तुत अन्ति म आख्या/एफ०आर० के विरोध करने हेतु आपत्ति अथवा प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र आदि न्यायालय के समक्ष नहीं प्रस्तुत किया गया। अन्ति म आख्या/एफ०आर० के परिशीलन से स्पष्ट होता है कि विवेचक द्वारा इस आधार पर इस मुकदमे में एफ०आर० प्रस्तुत की गयी है कि घटना स्थल पर निरीक्षणण अन्य परिस्थि तिजन, साक्ष्यों एवं अभियुक्त आरोपी पप्पु सिंह द्वारा मुकदमा वादिनी मंजू देवी को गाली गुप्ता देने मारने-पीटने तथा जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने एवं उसे पटक कर उसके साथ अश्लील हरकत करने आदि जैसी घटना का घटित होना नहीं पाया गया है। तथा विवेचक द्वारा इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अन्ति म आख्या/एफ०आर जो प्रस्तुत की गयी है उसे वाद तथ्यों एवं परस्थि तियों में प्रथम दृष्टया विधि सम्मत होना पाया जाता है। इसलिए अन्ति म आख्या/एफ०आर० संख्या 01 दिनांकित 28.07.2018 अन्तर्गत धारा 323, 504, 506, 354(ख) भा०दं०सं० एवं 3(2)5a को स्वीकार किये जाने योग्य है। आदेश तद्नुसार मुकदमा अपराध सं०-68/2018, अन्तर्गत धारा-323, 504, 506, 354(ख) भा०दं०सं० एवं 3(2)5a, एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट, थाना-बरेसर, जिला गाजीपुर में पुलिस द्वारा प्रेषित अन्ति म आख्या स्वीकार की जाती है। पत्रावली नियमानुसार दाखि ल दफ्तर हो। (मो० गजाली) विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी० (पी०ए०)एक्ट, गाजीपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट, गाजीपुर। जमानत प्रार्थना-पत्र सं०-1995-2023 गौरीशंकर राजभर बनाम उ०प्र० सरकार व अन्य दिनांकः - 18. ांकः - 18.082023 जमानत प्रार्थना-पत्र माननीय सत्र न्यायाधीश, गाजीपुर के आदेशानुसार अन्तरणण द्वारा इस न्यायालय को प्राप्त हुआ। दर्ज रजिस्टर हो। वादी मुकदमा न्यायालय में उपस्थि त नहीं है। जमानत प्रार्थना-पत्र पर वादी को सुना जाना आवश्यक है। अतएव वादी मुकदमा को नोटिस जारी हो। जमानत प्रार्थना-पत्र सुनवाई हेतु दिनांक-29.08.2023 को पेश हो। अभियुक्तगणण के विद्वान अधिवक्ता द्वारा अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्र 8 ब पर बल देते हुए कहा गया कि अभियुक्तगणण के विरूद्ध लगायी गयी एस०सी०/एस०टी (पी०ए०) एक्ट के अलावा शेष धाराएं धाराएं विद्वान मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा परीक्षणणीय है। विद्वान विशेष लोक अभियोजन द्वारा अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्र का विरोध किया गया। पत्रावली के अवलोकन से स्पष्ट है कि अभियुक्तगणण गौरीशंकर राजभर, चिन्ता देवी व रमीता द्वारा मुकदमा अपराध सं०-44/2023, अन्तर्गत धारा-323,504,506 भा०दं०सं० एवं 3(1)द, 3(1)ध ,3(2)5a थाना-करीमुद्दीनपुर, जिला-गाजीपुर के मामले में जमानत प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया है। अभियुक्तगणण के विरूद्ध लगायी गयी एस०सी०/एस०टी (पी०ए०) एक्ट के अलावा शेष धाराएं विद्वान मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा परीक्षणणीय है। अतएव ब्रम्ह सिंह आदि बनाम स्टेट ऑफ यू०पी० आदि 2016(3) ए०सी०आर० 2009 में माननीय उच्च न्यायालय की विधि व्यवस्था के प्रकाश में अभियुक्तगणण गौरीशंकर राजभर, चिन्ता देवी व रमीता प्रत्येक को मु०-20,000/-रू० की दो जमानतें व उतनी ही धनराशि का व्यक्तिगत बन्ध-पत्र दाखि ल करने पर उसे अन्तरिम जमानत पर रिहा किया जाता है। अभियुक्तगणण नियत तिथि को 10:30 बजे न्यायालय में आत्मसमर्पणण करेंगे। (मो०गजाली) विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी० (पी०ए०)एक्ट, गाजीपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०) एक्ट, गाजीपुर। जमानत प्रार्थना-पत्र सं०-1996/2023 गेधू यादव बनाम उ०प्र० सरकार व अन्य दिनांकः - 18.082023 जमानत प्रार्थना-पत्र माननीय सत्र न्यायाधीश, गाजीपुर के आदेशानुसार अन्तरणण द्वारा इस न्यायालय को प्राप्त हुआ। दर्ज रजिस्टर हो। वादी मुकदमा न्यायालय में उपस्थि त नहीं है। जमानत प्रार्थना-पत्र पर वादी को सुना जाना आवश्यक है। अतएव वादी मुकदमा को नोटिस जारी हो। जमानत प्रार्थना-पत्र सुनवाई हेतु दिनांक-29.08. ांक-29.08.2023 को पेश हो। अभियुक्तगणण के विद्वान अधिवक्ता द्वारा अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्र 8 ब पर बल देते हुए कहा गया कि अभियुक्तगणण के विरूद्ध लगायी गयी धाराएं विद्वान मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा परीक्षणणीय है। विद्वान विशेष लोक अभियोजन द्वारा अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्र का विरोध किया गया। पत्रावली के अवलोकन से स्पष्ट है कि अभियुक्तगणण गेधू यादव, पन्ना राम, राजेन्द्र यादव, वहादुर यादव व अर्चना देवी द्वारा मुकदमा अपराध सं०-153/2023, अन्तर्गत धारा- 147,323,308,427,506 भा०दं०सं० थाना-शादियाबाद, जिला-गाजीपुर के मामले में जमानत प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया है। अभियुक्तगणण के विरूद्ध आरोपित धाराएं विद्वान मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा परीक्षणणीय है। अतएव ब्रम्ह सिंह आदि बनाम स्टेट ऑफ यू०पी० आदि 2016(3) ए०सी०आर० 2009 में माननीय उच्च न्यायालय की विधि व्यवस्था के प्रकाश में अभियुक्तगणण गेधू यादव, पन्ना राम, राजेन्द्र यादव, वहादुर यादव व अर्चना देवी प्रत्येक को मु०-20,000/-रू० की दो जमानतें व उतनी ही धनराशि का व्यक्तिगत बन्ध-पत्र दाखि ल करने पर उसे अन्तरिम जमानत पर रिहा किया जाता है। अभियुक्तगणण नियत तिथि को 10:30 बजे न्यायालय में आत्मसमर्पणण करेंगे। (मो०गजाली) विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी० (पी०ए०)एक्ट, गाजीपुर। न्यायालय विशेष न्यायालय, एस०सी०/एस०टी (पी०ए०) एक्ट, गाजीपुर। फौ०प्र० संख्या-286-2023 CNR.No-UPGH.01003168-2023 अनिल कुमार सोनकर प्रति विट्टू सिंह। मु०अ०सं०-111/2022, धारा- 323,504, 506 भा०दं०सं० एवं 3(1)द, 3(1)ध, एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०)एक्ट, थाना- भुड़कुड़ा, जिला- गाजीपुर। दिनांकः - 16.08.2023 प्रस्तुत एफ०आर/अन्ति म आख्या सुनवाई हेतु पेश हुई। पत्रावली पर उपलब्ध प्रपत्रों एवं साक्ष्यों का अवलोकन किया। एफ०आर/अन्ति म आख्या के परिशीलन से स्पष्ट होता है कि विवेचक द्वारा न्यायालय के समक्ष इस आधार पर एफ०आर/अन्ति म आख्या प्रस्तुत किया गया है कि मुकदमा वादी द्वारा अपने ब्यान से अलग अपने मजीद ब्यान अन्तर्गत धारा-१६१ दं०प्र०सं० के अन्तर्गत ये कथन किया गया है अभियुक्तगणण द्वारा उसे किसी प्रकार की कोई गाली नहीं दी गयी है। मौके पर कोई मारपीट नहीं की गयी है तथा मुकदमा वादी को बरसात में किचड़ में गिरने के कारणण चोटे आ गयी। इस प्रकार मुकदमा वादी द्वारा अभियुक्तगणण द्वारा किसी प्रका किसी प्रकार का अपराध कारित किये जाने से इन्कार किया गया है। सुना तथा पत्रावली व केस डायरी का अवलोकन किया। अतः उपरोक्त परिस्थि तियों में प्रस्तुत प्रकरणण में प्रस्तावित उपरोक्त अभियुक्त के विरूद्ध कोई भी कार्यवाही किये जाने का साक्ष्य पत्रावली पर मौजूद नहीं है और स्वयं वादी के द्वारा अन्ति म आख्या स्वीकार किये जाने की याचना की गई है। अतः उपरोक्त तथ्य एवं परिस्थि तियों को दृष्टिगत रखते हुए अन्ति म आख्या स्वीकार किये जाने योग्य है। आदेश मुकदमा अपराध सं०-111/2022, अन्तर्गत धारा-323,504, 506 भा०दं०सं० एवं 3(1)द, 3(1)ध, एस०सी०/एस०टी०(पी०ए०)एक्ट, थाना-भुड़कुड़ा, जिला गाजीपुर में उक्त आधार पर एफ०आर/अन्ति म आख्या दिनांकित-16.08.2023 स्वीकार की जाती है। पत्रावली नियमानुसार दाखि ल दफ्तर हो। (मो०गजाली) विशेष न्यायाधीश, एस०सी०/एस०टी० (पी०ए०)एक्ट, गाजीपुर।