Ramjani@ Sukha vs State Government
Party Details
- Ramjani@ Sukha
- State Government
Case Summary
Ramjani@ Sukha filed Case No. 496 in the District Court on 23 Jan 2023 against State Government. The case has had one hearing so far. The case is currently pending. 1 order has been issued in this matter.
Hearing History (1)
- 9FEB 2023DisposedView Order ↗
Judge: Addl. District Judge Court No. 5
Orders (1)
- 9FEB 2023Copy of JudgmentView Order ↗
Order No: 1
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1 न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-५/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), मथुरा जमानत प्राथ)नापत्र संख्या-४९६/२०२३ सी०एन०आर० नं० यू पी एम टी०१-००१०३४-२०२३ जे०आे० कोड नं० आर्इ)०डी० यू०पी०- ६१७७ रमजानी उर्फ) सूखा पुत्र श्री सलामत विनासी काशीराम काॅलोनी, थाना ृन्दान, जिजला मथुरा ...........प्राथ@/ अभिBयुक्त बनाम उ०प्र० राज्य ..............अभिBयोजक मु०अ०सं०- १८/२०२२ धारा- २/३ उ०प्र० विगरोहबंद अधिधविनयम थाना-गोविन्दनगर , मथुरा। प्रस्तुत जमानत प्राथ)नापत्र प्राथ@/अभिBयुक्त रमजानी उर्फ) सूखा की आेर से मु०अ०सं० १८/ २०२२, धारा २/३ उ०प्र० विगरोहबंद अधिधविनयम, थाना- गोविन्दनगर , जिजला मथुरा के अन्तग)त विदया गया है। संधिक्षप्त अभिBयोजन कथानक के अनुसार अभिBयुक्त रहीश उर्फ) सलमान का एक सुसंगविMत विगरोह है, जिजसके अभिBयुक्तगण सोहेल, रमजानी उर्फ) सूखा सद्दाम सविPय सदस्य हैं, जिजस गैंग का मुख्य उद्देश्य चोरी, लूट नकबजनी की योजना बनाकर थाना क्षेत्र में चोरी की गयी, जिजन्हें चोरी के माल सविहत विगरफ्तार विकया गया है। थाने पर अभिBयुक्त के विरूद्घ विनम्न आपराधिधक मामले दज) विकये गये हैं । विगरोह की सविPयता अन्तज)नपदीय है, जो Bौधितक एं आर्थिथक लाB अर्जिजत करने के उद्देश्य से विगरोह बनाकर चोरी एं नकबजनी जैसे गम्Bीर अपराध कारिरत करते हैं, जिजनकी जानकारी पर जिजला मजिजस्ट्रेट/पुलिलस अधीक्षक द्वारा अनुमोविदत गैंग चाट) के आधार पर उनके विरूद्घ धारा २/३ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। गैंग चाट) के अनुसार अभिBयुक्तगण का विनम्न आपराधिधक र्इधितहास हैः- अभिBयुक्त रमजानी उर्फ) सूखा १- मु०अ०सं० ३००/ २१, धारा-३८०,४११,Bा०द०सं०, थाना गोविन्दनगर, जिजला मथुरा। २- मु०अ०सं० ४३४/ २१, धारा-४५७,३८०,४११,Bा०द०सं०, थाना गोविन्दनगर, जिजला मथुरा। ३-मु०अ०सं० ४३६/ २१, धारा-४५७,३८०,४११,Bा०द०सं०, थाना गोविन्दनगर, जिजला मथुरा। ४-मु०अ०सं० ४३७/ २१, धारा-३९८,४०१,Bा०द०सं०, थाना गोविन्दनगर, जिजला मथुरा। जमानत प्राथ)नापत्र एं शपथपत्र में शपथकता) ने यह अभिBकभिथत विकया है विक अभिBयुक्त का यह प्रथम जमानत प्राथ)नापत्र है। अभिBयुक्तगण विबल्कुल विनदaष है उन्होंने कोई Bी अपराध कारिरत नहीं विकया है, उसे झूMा र्फंसाया गया है। अभिBयुक्त विदनांक २०.११. ांक २०.११.२०२१ से जिजला कारागार में विनरूद्घ है। अभिBयुक्त जमानत का दुरूपयोग नहीं करेगा । ास्तविकता यह है विक अभिBयुक्त विदनांक १९.११.२०२१ को सुबह ८ः३० बजे मजदूरी हेतु जा रहा था विक पुलिलस ने पूछताछ के बहाने बंला लिलया आैर पैसों की मांग की न देने पर र्इस केस में संलिलप्त कर विदया। घटना का कोर्इ) स्तंत्र साक्षी नहीं है। पुलिलस द्वारा गुडक) विदखाने के लिलये झूMा र्फंसाया गया है। अभिBयुक्त का कोर्इ) आपराधिधक र्इधितहास नहीं है। उक्त आधार पर जमानत की याचना की गयी है। मैंने अभिBयुक्त के विद्वान अधिधक्ता तथा राज्य की आेर से लोक अभिBयोजक के तक) सुने एं पत्राली का परिरशीलन विकया। अभिBयुक्त के विद्वान अधिधक्ता द्वारा यह तक) विदया गया है विक अभिBयुक्त विनदaष, है े आपराधिधक प्रृलिh के नहीं है। अभिBयुक्त का न तो विकसी सविPय आपराधिधक र्इधितहास है । अतः प्रश्नगत मामले में अभिBयुक्तगण को जमानत दी जाये। राज्य के लोक अभिBयोजक ने दौरान बहस यह तक) विदया विक अभिBयुक्त आपराधिधक विगरोह के 2 सदस्य है। े अपने विगरोह के साथ विमलकर आपराधिधक घटनाआें को अंजाम देते है, जिजसकी जह से जनपद में Bय का माहौल व्याप्त रहता है। अतः अभिBयुक्त की जमानत खारिरज की जाये। पत्राली को अलाेविकत करने से स्पष्ट है विक अभिBयुक्त के विरूद्घ आपराधिधक मुकदमा दज) है। उक्त मुकदमा आर्थिथक लाB प्राप्त करने के लिलए कारिरत करना कहा गया है। प्राथ@ /अभिBयुक्त आपराधिधक गैंग का सविPय सदस्य बताया गया है। विगरोह के सBी मुल्जिल्जमानों का आपराधिधक र्इधितहास है। धारा-१९(४ख)उ०प्र० विगरोहबंद समाज विरोधी विPया कलाप (विनारण) अधिधविनयम १९८६ द्वारा अपेधिक्षत है विक र्इस अधिधविनयम के अन्तग)त विकसी अभिBयुक्तगण को तBी जमानत दी जायेगी, जब न्यायालय का यह समाधान हो जाये विक अभिBयुक्त एेसे अपराध के दोषी नहीं है तथा ह जमानत पर रहते हुए पुनः अपराध कारिरत नहीं करेंगे। प्रस्तुत प्रकरण में अBी र्इस स्तर पर यह नहीं कहा जा सकता विक अभिBयुक्त आरोविपत अपराध में दोषी नहीं है अथा जमानत पर रिरहा होने के बाद पुनः अपराध नहीं करेंगे। प्रश्नगत मामले में विेचना प्रचलिलत है एं उनके विरूद्घ साक्ष्य संकलन जारी है। अतः मामले के तथ्यों एं परिरल्जिस्थधितयों को देखते हुए अभिBयुक्त को जमानत पर रिरहा विकये जाने का आधार पया)प्त नहीं है। आदेश अभिBय आदेश अभिBयुक्त रमजानी उर्फ) सूखा का जमानत प्राथ)नापत्र मु०अ०सं १८/२०२३, अन्तग)त धारा-२/३ उ०प्र० विगरोहबंद अधिधविनयम, थाना-गोविन्दनगर, जिजला मथुरा विनरस्त विकया जाता है। आदेश की एक प्रधित अभिBयुक्त को विनःशुल्क प्रदान की जाये। विदनांक- ०९.०२.२०२३ ( कमलेश कुमार पाMक) अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष सं० ०५, मथुरा/ विशेष न्यायाधीश उ०प्र० विगरोहबंद समाज विरोधी विPया कलाप (विनारण) अधिधविनयम १९८६ ।