Hemant Chandrakr vs Hemant Ilwadi
Party Details
- Hemant Chandrakr
- Hemant Ilwadi
Case Summary
Hemant Chandrakr filed Case No. 19 in the District Court against Hemant Ilwadi. The case has undergone 38 hearings over 2 years and 2 months. The case is currently pending. 1 order has been issued in this matter.
Hearing History (38)
- 7APR 2025DisposedView Order ↗
Judge: Civil Judge Senior Division and Chief Judicial Magistrate
- 4APR 2025JudgementView Order ↗
Judge: Civil Judge Senior Division and Chief Judicial Magistrate
- 1APR 2025ArgumentsView Order ↗
Judge: Civil Judge Senior Division and Chief Judicial Magistrate
Orders (1)
- 7APR 2025Copy of JudgmentView Order ↗
Order No: 1
Judgement DetailsView full order PDF ↗
आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी न्यायालयः - कु . प्रधितभा मरकाम , मुख्य न्याधियक मजि2ट्रेट , नारायणपुर जि2ला - नारायणपुर ( छ . ग .) आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक -24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दिपता क्रांधित नारायण चंद्राकर, उम्र-50 #र्ष=, दिन#ासी-रामकृष्ण दिमशन ITI तहसील # जि2ला- नारायणपुर, छ.ग. ..............परिर#ाी। //दि#रूद्घ// हेमंत इल्#ाी(जिसदि#ल इं2ीदिनयर) दिपता #. ेशरा2 इल्#ाी उम्र- 56 #र्ष=, दिन#ासी- पुराना बस टैण्ड सोनी होटल के पीछे, तहसील # जि2ला- नारायणपुर, छ.ग. ..............अारोपी। परिर#ाी द्वारा श्री जि2तेंद्र शुक्ला अधि#क्ता । आरोपी की आेर से श्री 2े.एस. राठौर अधि#क्ता । // दिनण=य // (आ2 दिनांक – 07/04/2024 को घोदिर्षत ) 01- आरोपी के दि#रुद्घ परक्राम्य लिलखत अधिदिनयम 1881 की ारा 138 के तहत इस आशय का अभिभयोग है दिक उसने दिनांक 28.11.2022 को पहला चेक क्र. -655988 ता दिनांक- 06.12.2022 को ूसरा चेक क्र.- 656012 रकम 1,00,000-1,00,000/-रूपये पं2ाब नेशनल बैंक शाखा, नारायणपुर, छ.ग. को परिर#ाी को प्राय दिकया ा, जि2से दिक परिर#ाी द्वारा उक्त चेक अपने बैंक, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर में भुगतान हेतु प्रतुत करने पर दिनांक 09.12.2022 के मेमो द्वारा "CHQ UNSUABLE" CHQ UNSUABLE"CHQ UNSUABLE" की टीप के सा चेक का अनारिरत कर मय ज्ञापन #ापस प्राप्त हो गया, जि2सकी दि#धिक सूचना परिर#ाी ने अपने अधि#क्ता के माध्यम से 2 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी दिनांक 15.12.2022 को समया#धि के अंर प्रेदिर्षत कराई जि2से दिक आपके द्वारा प्राप्त करने के 15 दिनों के पश्चात भी चैक में उल्लेलिखत राभिश का संाय परिर#ाी को नहीं दिकया गया। 02- प्रकरण में कोई महत्#पूण= #ीकृत तथ्य यह है दिक दि##ादित चेक क्र.
655988 ता 656012 अभिभयुक्त हेमंत इल्#ाी द्वारा परिर#ाी को प्रान दिकया गया । 03- परिर#ाी का परिर#ा संक्षेप में इस प्रकार है दिक आरेापी # परिर#ाी का अापसी 2ान-पहचान ए#ं मुर संबं ादिपत हो गया ा, उक्त मुर संबंों के आार पर अना#ेक ने परिर#ाी से मुझे दिनों के लिलए उार में 3,00,000/- ,00,000/- रूपये उार में ो ग#ाहों के समक्ष उार लिलये े, जि2सके ए#2 में अना#ेक ने दिनांक 28.11.2022 को पहला चेक क्र. -655988 ता दिनांक- 06.12.2022 को ूसरा चेक क्र.- 656012 रकम 1,00,000-1,00,000/-रूपये पं2ाब नेशनल बैंक शाखा, नारायणपुर, छ.ग. का परिर#ाी को प्रान दिकया । परिर#ाी ने उक्त चेक भुगतान प्रादिप्त बाबत् अपने खाते #ाले बैंक भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर में प्रतुत दिकये 2ाने पर #ह चेक अना#ेक के खाते में रकम की पया=प्त व्य#ा नहीं होने पर"CHQ UNSUABLE" CHQ UNSUABLE"CHQ UNSUABLE" टीप के सा चेक अनारिरत हो गया, जि2सकी 2ानकारी परिर#ाी को बैंक के चेक #ापसी ज्ञापन दिनांक 09.12.2022 के माध्यम से हुई। चेक अनारण के पश्चात परिर#ाी ने अपने अधि#क्ता के माध्यम से दिनांक 15.12.2022 को अना#ेक के दिन#ास पते पर अनारिरत चेक में उल्लेलिखत रकम की मांग नोदिटस रजि2टड= डाक मय पा#ती प्रेदिर्षत कराई । इस प्रकार नोदिटस तादिमली के 15 दि#स के भीतर भी आरोपी द्वारा परिर#ाी का पैसा नहीं लौटाया गया, जि2ससे #ा कारण उत्पन्न हुआ। इस प्रकार अभिभयुक्त यह 2ानते हुये दिक उसके खाते में पया=प्त राभिश नहीं है दिzर भी चैक 2ारी दिकया गया, जि2सके कारण परिर#ाी द्वारा परिर#ा पेश दिकया गया है। 04- अना#ेक को परक्राम्य लिलखत अधिदिनयम 1881 की ारा 138 के अंतग=त 3 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी आरोप पत्र तैयार कर पढ़कर सुनाये # समझाये 2ाने पर अना#ेक ने अपरा दिकया 2ाना अ#ीकार कर दि#चारण दिकये 2ाने का दिन#ेन दिकया तत्पश्चात अना#ेक का ारा 313 ं०प्र०सं० का परीक्षण करने पर उसने #यं को दिन~र्ष होना ता झूंठा zंसाये 2ाने का कन दिकया गया है, बचा# साक्ष्य में प्रदि#ष्ट कराये 2ाने पर अना#ेक द्वारा बचा# में साक्ष्य ेना व्यक्त दिकया गया है । 05- प्रकरण के दिनराकरण हेतु मेरे समक्ष दिनम्नलिललिखत दि#चारणीय प्रश्न उत्पन्न होते हैं - 01- क्या अना#ेक ने पं2ाब नेशनल बैंक, नारायणपुर, छ.ग. के बचत खाते का दिनांक 28.11.2022 को पहला चेक क्र. -655988 ता दिनांक- 06.12.2022 को ूसरा चेक क्र. ा चेक क्र.- 656012 को संाय हेतु हताक्षर कर परिर#ाी को प्रान दिकया, जि2से दिक परिर#ाी द्वारा उक्त चेक अपने बैंक, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर, छ.ग. में भुगतान हेतु प्रतुत करने पर दिनांक 09.12.2022 के मेमो द्वारा "CHQ UNSUABLE" CHQ UNSUABLE"CHQ UNSUABLE" की टीप के सा चेक का अनारिरत कर मय ज्ञापन #ापस प्राप्त हो गया, जि2सकी दि#धिक सूचना परिर#ाी ने अपने अधि#क्ता के माध्यम से दिनांक 15.12.2022 को समया#धि के अंर प्रेदिर्षत कराई जि2से दिक आपके द्वारा प्राप्त करने के15 दिनों के पश्चात भी चैक में उल्लेलिखत राभिश का संाय परिर#ाी को नहीं दिकया गया?
06- परिर#ाी द्वारा अपने परिर#ा के सम=न में #यं हेमंत चंद्राकर परिर.सा.-01 का कन कराया गया है ता #ा के सम=न में ता#े2 अनो#क द्वारा 2ारी दिकये गये पं2ाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर का चेक क्र.
655988 दिनांक 28.11.2022 का चेक प्र०पी०- 01, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर का 2मा पच„ दिनांक-08.12.2022 प्र०पी०-02, चेक रिरटन= मेमो प्र०पी०-03, पं2ाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर का चेक क्र.-656012 प्र०पी०-04, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर का 2मा पच„ दिनांक-08.12.2022 प्र०पी०-05, रिरटन= मेमो प्र०पी०-06, अधि#क्ता द्वारा पं2ीकृत मांग सूचना पत्र दिनांक- 4 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी 15.12.2022, भे2ी गयी नोदिटस प्र.पी.-07 ए#ं डाक रसी प्र०पी०-08 ता पा#ती प्र०पी०- 09 को प्रतुत दिकया गया है। अना#ेक द्वारा अपने बचा# के सम=न में #यं का साक्ष्य प्रतुत दिकया गया है, जि2समें #यं के सम=न में ता#े2 लिललिखत में पं2ाब नेशनल बैंक का टेटमेंट दिनांक 01.04.2020 से 31.01.2021 तक प्र.डी.-01, टेट बैंक शाखा नारायणपुर का खाता क्र.
38003349898 टेटमेंट की प्रधित प्र.डी.- 02, टेट बैंक शाखा नारायणपुर का टेटमेंट दिनांक 26.10.2020 से 06.11.2020 तक प्र.डी.-03, सेंट्रल बैंक शाखा नारायणपुर का खाता क्र.
3308571566 का टेटमेंट प्र.डी.-04, अाॅन लाइ=न पेमेंट की छायाप्रधित, जि2सका उल्लेख प्र.डी.-01 # 02 में है ता हेमंत चंद्राकर को 2ो नग पेमेंट 10,850/-, 10950/- रूपये त 42,000/- रूपये दिनांक 29.04.2019, 27.06.2019 # 26.07.
9 # 26.07.2019 का है, जि2समें परिर#ाी हेमंत चंद्राकर के हताक्षर है, 2ो क्रमशः प्र.डी.-05, प्र.पी.-06 ए#ं प्र.डी.-07 है। मैंने परिर#ाी को चेक की रकम पूण= दिकश्तों में अा कर दिया है ता ब्या2 के रूप में 26,800/- रूपये प्रतुत दिकया गया है। -- साक्ष्य दि##ेचना ए#ं दिनष्कर्ष= -- - दि#चारणीय प्रश्न क्र .- 01 पर सकारण दिनष्कर्ष= - 07- उक्त दि#चारणीय प्रश्न के संबं में परिर#ाी ने अपने सम=न में #यं का परीक्षण कराया गया है ता अपने पक्ष सम=न में अना#ेक द्वारा 2ारी दिकये गये पं2ाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर का चेक क्र.
655988 दिनांक 28.11.2022 का चेक प्र०पी०-01, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर का 2मा पच„ दिनांक-08.12.2022 प्र०पी०-02, चेक रिरटन= मेमो प्र०पी०-03, पं2ाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर का चेक क्र.-656012 प्र०पी०-04, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर का 2मा पच„ दिनांक-08.12.2022 प्र०पी०-05, रिरटन= 5 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी मेमो प्र०पी०-06, अधि#क्ता द्वारा पं2ीकृत मांग सूचना पत्र दिनांक-15.12.2022, भे2ी गयी नोदिटस प्र.पी.-07 ए#ं डाक रसी प्र०पी०-08 ता पा#ती प्र०पी०-09 को पेश दिकया गया है। परिर#ाी के द्वारा अपने शप पत्रीय कन अन्तग=त ारा 145 परक्राम्य लिलखत अधिदिनयम में कन दिकया गया है दिक परिर#ाी ने अना#ेक से पू#= 2ान पहचान ए#ं मुर संबं होने से अना#ेक ने मुझे कुछ दिनाें के लिलए उार रकम की मांग दिकये 2ाने पर परिर#ाी ने 3,00,000/- रुपये प्रान दिकया ा, जि2से अना#ेक द्वारा 2ल् ही उार में ली गइ= राभिश को #ापस दिकये 2ाने का आश्वासन दिया गया ा। 08- उक्त राभिश के भुगतान के संबं में अना#ेक हेमंत इल्#ाी के द्वारा चेक क्रमांक 655988 ए#ं 656012 हताक्षरिरत कर 2ारी दिकया 2ाना #ीकार दिकया है। दिनांक 09.12.2022 चेक को "CHQ UNSUABLE" CHQ UNSUABLE"CHQ UNSUABLE" की टीप के सा अनारिरत कर दिया गया ा, जि2सके पश्चात परिर#ाी ने दिनांक 15.12.2022 को अभिभयुक्त को अधि#क्ता के माध्यम से नोदिटस 2ारी दिकया गया ा जि2सकी सूचना अभिभयुक्त के दिन#ास ान पर दिनांक 21.12. ांक 21.12.2022 की पोटल रसी प्रतुत की गई है। उक्त नोदिटस प्रादिप्त के पश्चात भी राभिश नहीं लौटाने पर न्यायालय में परिर#ा पेश दिकया गया, जि2सका प्रमाण परिर#ाी द्वारा प्रतुत ता#े2 से प्राप्त होता है। जि2ससे यह भी र्शिशत होता है दिक परिर#ाी के द्वारा ारा 138 परक्राम्य लिलखत अधिदिनयम 1881 के तहत दि#धिक ाधियत्#ों की पूर्तित कर ली गई है। 09- प्रकरण में बचा# के समय अभिभयुक्त द्वारा #यं को दिन~र्ष होना ए#ं परिर#ाी द्वारा #र्ष= 2019 में उक्त चेक प्रचलन में 2ो अमानत के तौर पर ेना बताया है ता उक्त चेक पर अधिक राभिश भरकर झूठा परिर#ा न्यायालय के समक्ष प्रतुत करने का कन दिकया है। अभिभयुक्त के गुम हुए चेक का गलत तरीके से उपयोग कर न्यायालय में परिर#ा प्रतुत करना व्यक्त है। 6 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी अभिभयुक्त के द्वारा दि##ादित प्रश्नगत चेक पर अपने हताक्षर से इन्कार नहीं दिकया गया है ता प्रधितपरीक्षण के ौरान अभिभयुक्त को परिर#ाी द्वारा प्रेदिर्षत नोदिटस प्राप्त होने का सुझा# दिया गया ा जि2स पर अभिभयुक्त के द्वारा प्रधितपरीक्षण के ौरान सही होना व्यक्त दिकया गया है। ारा 138. खाते में अपया=प्त दिनधियों, आदि के कारण चैक का अनारण :-"CHQ UNSUABLE" 2हां दिकसी व्यदिक्त द्वारा दिकसी ऋण या अन्य ाधियत्# के पूण=तः या भागतः उन्मोचन के लिलये दिकसी बैंकर के पास अपने द्वारा रखे गये खाते में से दिकसी अन्य व्यदिक्त की दिकसी नराभिश के संाय के लिलए लिलखा गया कोई चैक बैंक द्वारा संाय दिकए दिबना या तो इस कारण लौटा दिया 2ाता है दिक उस खाते में 2मा नराभिश उस चैक का आरण करने के लिलए अपया=प्त है #ह उस रकम से अधिक है जि2सका बैंक के सा दिकये गये करार के द्वारा उस खाते में से संाय करने का ठहरा# दिकया गया है, #हां ऐसे व्यदिक्त के बारे में यह समझा 2ायेगा दिक उसने अपरा दिकया है ।"CHQ UNSUABLE" प्रकरण में संबंधित बैंक, सेंट्रल बैंक आz इंधिडया के मेमो द्वारा प्र०पी०-05 में उक्त चेक अभिभयुक्त के बैंक अकाउंट में "CHQ UNSUABLE" CHQ UNSUABLE"CHQ UNSUABLE" के आार पर अनारण दिकया गया है। अभिभयुक्त के द्वारा प्रश्नगत चेक पर अपना हताक्षर होने से भी इन्कार नहीं दिकया गया है। तक= के ौरान परिर#ाी क परिर#ाी को अधिक लाभ प्राप्त करने हेतु झूठा कन करना व्यक्त दिकया गया है। 10- परक्राम्य लिलखत अधिदिनयम 1881 की ारा 118 # 139 चेक के सम्यक ारक, प्रधितzल ता ऋण # ाधियत्# के संबं में उपारणाओं का प्रा#ान करती है 2ो दिनम्नानुसार है:- (क) प्रधितzल के दि#र्षय में :- यह दिक हर एक परक्राम्य लिलखत प्रधितफ्ला= रधिचत या लिलखी गई ी और यह दिक हर ऐसी लिलखत 2ब प्रधितगृहीत, पृष्ठांदिकत, परक्रादिमत या अन्तरिरत हो चुकी हो, तब #ह प्रधितzला=, प्रधितगृहीत, पृष्ठांदिकत परक्रादिमत या अंतरिरत की गई ी। 7 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी (ख) तारीख के बारे में - यह दिक ऐसी हर परक्राम्य लिलखत जि2स पर तारीख पड़ी है, ऐसे तारीख को रधिचत या लिलखी गई ी; (छ) यह दिक ारक सम्यक-अनुक्रम ारक है-यह दिक परक्राम्य लिलखत का ारक सम्यक-अनुक्रम-ारक है, 02. ारा 139 ारक के पक्ष में उपारणा-यदि तत्प्रधितकुल सादिबत न हो तो ऐसी उपारणा की 2ायेगी दिक चेक के ारक ने ारा 138 में उल्लेलिखत दिकसी ऋण या अन्य ाधियत्# का पूण= रुप से या आंभिशक रुप से उन्मोधिचत के लिलये चेक प्राप्त दिकया ा। 11- उपारणा अंतग=त ारा 139 सहपदिठत ारा 118(ए) परक्राम्य लिलखत अधिदिनयम 1881 सृजि2त हो 2ाने के पश्चात अभिभयुक्त को ऐसी उपारणा का खण्डन करना होता है दिक चेक कोई प्रधितzला= अ#ा ऋण या ाधियत्# के उन्मोचन हेतु 2ारी दिकया गया ा। उपरोक्त ारा के अन्तग=त उपारणा खण्डनीय उपारणा होती है जि2से अभिभयुक्त सकारात्मक साक्ष्य द्वारा यह परिर#ाी के साक्ष्य का खण्डन कर प्रतुत कर सकता है। अभिभयुक्त द्वारा साक्ष्य प्रतुत करना आ#श्यक नहीं है परन्तु मात्र इन्कार या दिन~र्ष होने का अभिभ#चन उपारणा का खण्डन पया=प्त नहीं माना 2ा सकता है। अभिभयुक्त को दि#चारण के ौरान प्रभा#शाली ए#ं अकाट्य साक्ष्य द्वारा यह सादिबत करना होगा दिक ऐसा कोई ऋण अ#ा कोई ाधियत्# नहीं ा। 12- आरेापी ने अपने अभिभयुक्त कन में व्यक्त दिकया गया है दिक #ह दिन~र्ष है। उक्त चेक अभिभयुक्त द्वारा परिर#ाी को #र्ष= 2019 में अमानत के तौर पर दिया गया ा। उक्त चेक क्रमांक- 655988 ए#ं 656012 उक्त चेक को परिर#ाी के द्वारा गलत तरीके से इतेमाल दिकया गया है। प्रधितपरीक्षण के ौरान भी अभिभयुक्त हेमंत ुक्त हेमंत इल्#ाी ने प्रधितपरीक्षण के ौरान कंधिडका-07 में इस 8 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी सुझा# को सही होना बताया है दिक परिर#ाी ने मेरे दि#रूद्घ झूठा परिर#ा पैसे प्राप्त करने के पश्चात भी प्रतुत दिकया है उसके संबं में मैने ना ही भिशकायत 2= कर#ाया है आैर ना ही प्रम सूचना रिरपोट= 2= की गइ= है। प्रधितपरीक्षण की कधिडका-04 में इस सुझा# को सही होना बताया है दिक पं2ीकृत मांग सूचना मुझे प्राप्त हुआ ा जि2सका कोइ= 2#ाब मेरे द्वारा नहीं ी गइ= ी । #तः कन दिकया है दिक व्यदिक्तगत तौर पर दिमलकर बताया गया ा दिक 2,06,000/-रूपये आपको अा कर दिया है ता 20,000/-रूपये ब्या2 की की राभिश अा कर ूंगा । परंतु अभिभयुक्त के द्वारा एेसा कोइ= साक्ष्य प्रतुत नहीं दिकया गया है, जि2ससे यह र्शिशत हो दिक के#ल ब्या2 की राभिश अा करना शेर्ष है। परिर#ाी के द्वारा प्रतुत प्रश्नगत चेक #र्ष= 2022 से संबंधित है, जि2स पर अभिभयुक्त के द्वारा अपना हताक्षर होना #ीकार दिकया गया है । इस संबं में अभिभयुक्त के द्वारा यह बचा# लिलया 2ा रहा है दिक उक्त चेक अमानत के तौर पर #र्ष= 2019 में परिर#ाी को दिया ा परंतु इस संबं में अभिभयुक्त के द्वारा एेसा केाइ= साक्ष्य प्रतुत नहीं दिकया गया है, जि2ससे यह र्शिशत हो दिक अभिभयुक्त के द्वारा #र्ष= 2019 में प्रश्नगत चेक क्र.
655988 ए#ं 656012 परिर#ाी को दिया है। 13- प्रधित#ाी के द्वारा प्रतुत प्रश्नगत चेक दिनांक 28.11.2022, जि2समें आरेापी के द्वारा हताक्षर करना बताया गया है, जि2स अभिभयुक्त के द्वारा #ीकार भी दिकया गया है। 14- प्रकरण में संलग्न ता#े2 के अ#लोकन से र्शिशत हो रहा है दिक प्रश्नागत चेक प्र०पी०-01 में 1,00,000/- रुपये ए#ं चेक प्र.पी.-04 में 656012 अंदिकत है 2ो दिक अभिभयुक्त हेमंत इल्#ाी का चेक है, जि2स पर अभिभयुक्त के द्वारा 2ो बचा# लिलया गया है, #ह सद्भादि#क र्शिशत नहीं है। प्रकरण में प्रतुत साक्ष्य में यह अ#लोकनीय है दिक परिर#ाी द्वारा 3,00,000/-रूपये ेने का कन दिकया गया है 2बदिक प्रश्नगत चेक 2,00,000/-रूपये का ो चेक होना र्शिशत है, 9 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01. क - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी जि2ससे के#ल 2,00,000/-रूपये के संबं में साक्ष्य प्रमाभिणत होता है। उपरोक्त समत दि##ेचना से पष्ट है दिक अभिभयुक्त हेमंत इल्#ाी द्वारा यह दिया गया है दिक उसने परिर#ाी को चैक क्रमांक 655988 ए#ं 656012 दिया ा, 2ो दिक उसके द्वारा परिर#ाी से लिलये गये ऋण के ाधियत्# में दिया गया ा । अभिभयुक्त यह प्रमाभिणत करने में असzल रहा है दिक उसके द्वारा परिर#ाी को ऋण राभिश लौटा दिया गया है। अभिभयुक्त उपारणा अन्तग=त ारा 118 ए#ं 139 अधिदिनयम का खण्डन करने में असzल रहा है। अतः अभिभयुक्त हेमंत इल्#ाी के दि#रुद्घ परक्राम्य लिलखत अधिदिनयम की ारा 138 का अपरा प्रमाभिणत पाया 2ाता है। दि#चारणीय प्रश्न क्र० 01 का दिनष्कर्ष= "CHQ UNSUABLE" हां"CHQ UNSUABLE" में दिया 2ाता है। 15- zलतः परिर#ाी अभिभयुक्त हेमंत इल्#ाी के संबं में प्रमाभिणत करने में सzल रहा है दिक अभिभयुक्त ने दिनांक 28.11.2022 को पहला चेक क्र. -655988 ता दिनांक- 06.12.2022 को ूसरा चेक क्र.- 656012 रकम 1,00,000-1,00,000/-रूपये पं2ाब नेशनल बैंक शाखा, नारायणपुर, छ.ग. को परिर#ाी को प्राय दिकया ा, जि2से दिक परिर#ाी द्वारा उक्त चेक अपने बैंक, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर में भुगतान हेतु प्रतुत करने पर दिनांक 09.12.2022 के मेमो द्वारा "CHQ UNSUABLE" CHQ UNSUABLE"CHQ UNSUABLE" की टीप के सा चेक का अनारिरत कर मय ज्ञापन #ापस प्राप्त हो गया, जि2सकी दि#धिक सूचना परिर#ाी ने अपने अधि#क्ता के माध्यम से दिनांक 15.12.2022 को समया#धि के अंर प्रेदिर्षत कराई, जि2से दिक आपके द्वारा प्राप्त करने के 15 दिनों के पश्चात भी चैक में उल्लेलिखत राभिश का संाय परिर#ाी को नहीं दिकया गया। 16- तद्अनुसार अभिभयुक्त हेमंत इल्#ाी को परक्राम्य लिलखत अधिदिनयम 1881 की ारा 138 के अपरा में '' जिसद्घोर्ष '' पाकर ''ोर्षजिसद्घ'’ दिकया 2ाता है । 17- ण्ड के प्रश्न को सुने 2ाने हेतु दिनण=य कुछ ेर के लिलये दिगत दिकया 2ाता है। 10 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी (कु. प्रधितभा मरकाम) मुख्य न्याधियक मजि2ट्रेट नारायणपुर. नारायणपुर.छ०ग० 18- ण्ड के प्रश्न पर अभिभयुक्त को सुना गया। परिर#ाी द्वारा #र्ष= 2022 से परिर#ा संस्थित दिकया गया है। लम्बे समय से शारीरिरक # मानजिसक पीड़ा सहन दिकया है जि2ससे परिर#ादिनी को युदिक्त-युक्त प्रधितकर दिलाया 2ाना आ#श्यक है। तथ्यों को ध्यान में रखते हुये अभिभयुक्त हेमंत इल्#ाी को 03 (तीन) माह के साारण कारा#ास और2,00,000/-रुपये (ो लाख रुपये) प्रधितकर की राभिश से स्थिण्डत दिकया 2ाता है। अभिभयुक्त प्रधितकर की राभिश दिनण=य दिनांक से 60 दि#स के भीतर परिर#ाी को अा करे। उक्त प्रधितकर की राभिश 2,00,000/-रुपये (ो लाख रुपये) अा करने पर प्रा#ान अन्तग=त ारा 357(3) ं०प्र०सं० के तहत राभिश 2,00,000/- रुपये (ो लाख रुपये) परिर#ाी को प्रधितकर #रुप प्रान दिकया 2ा#े। प्रधितकर की राभिश के व्यधितक्रम में आरोपी हेमंत इल्#ाी को 01 (एक) माह का साारण कारा#ास पृक से भुगताइ= 2ा#े। अपील होने की शा में उपरोक्त प्रधितकर की राभिश की अायगी माननीय अपीलीय न्यायालय के आेश के अध्याीन होगी। 19- प्रधितकर अा करने के व्यधितक्रम पर उपरोक्त आेभिशत साारण कारा#ास भुगत लेने पर भी अभिभयुक्त आेभिशत राभिश की अायगी से उन्मोधिचत नहीं होगी। 20- प्रकरण में 2प्तशुा ता#े2 अभिभयुक्त द्वारा 2ारी दिकये गये पं2ाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर का चेक क्र.
655988 का चेक प्र०पी०-01, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर का 2मा पच„प्र०पी०-02, चेक रिरटन= मेमो प्र०पी०-03, पं2ाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर का चेक क्र.-656012 प्र०पी०-04, भारतीय टेट बैंक शाखा नारायणपुर का 2मा 11 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी पच„ प्र०पी०-05, रिरटन= मेमो प्र०पी०-06, अधि#क्ता द्वारा पं2ीकृत मांग सूचना पत्र भे2ी गयी नोदिटस प्र.पी.-07 ए#ं डाक रसी प्र०पी०-08 ता पा#ती प्र०पी०-09 अभिभलेख का भाग होने से प्रकरण में सुरधिक्षत रखा 2ा#े। अपील होने पर अपीलीय न्यायालय के आेश का पालन दिकया 2ा#े। 21- अभिभयुक्त द्वारा प्रतुत ारा 437-क ं०प्र०सं० के अंतग=त प्रतुत 2मानत # मुचलके को छोड़कर शेर्ष 2मानत ए#ं मुचलके भारमुक्त दिकये 2ाते हैं । 22- अभिभयुक्त को ं०प्र०सं० की ारा- 363 के तहत दिनण=य की प्रधित दिनःशुल्क प्रान की 2ा#े । 23- अभिभयुक्त की अभिभरक्षा अभिभरक्षा की अ#धि हेतु ारा- 428 ं०प्र०सं० के अंतग=त दिनरो अ#धि तालिलका पृक से तैयार की गई । दिनण=य आ2 दिनांक को पमुद्रा सदिहत मेरे दिनšश पर टंदिकत। हताक्षरिरत कर खुले न्यायालय में घोदिर्षत। (कु. प्रधितभा मरकाम) मुख्य न्याधियक मजि2ट्रेट नारायणपुर.छ०ग० नारायणपुर.छ०ग० PRATIBHA MARKAM Digitally signed by PRATIBHA MARKAM Date: 2025.04.26 17:16:00 +0530 PRATIBHA MARKAM Digitally signed by PRATIBHA MARKAM Date: 2025.04.26 17:16:06 +0530 12 आपराधिक प्रकरण क्रमांक - 19/2023 संस्थित दिनांक - 24.01.2023 हेमंत चंद्राकर दि#रूद्घ हेमंत इल्#ाी ( दिनरो - अ#धि तालिलकाअंतग=तारा & 428 ं . प्र . सं .) अभिभयुक्तकानाम पुलिलस अभिभरक्षा अ#धि न्याधियकअभिभरक्षा अ#धि दिनरो में दिबताईगई कुल परिरणाम# समायोजि2त हेमंत इल्#ाी दिनरंक दिनरंक दिनरंक ोर्षजिसद्घदिनरंक ानः- नारायणपुर (कु. प्रधितभा मरकाम) दिनांकः- 07.04.2025 मुख्य न्याधियक मजि2ट्रेट नारायणपुर.छ०ग० PRATIBHA MARKAM Digitally signed by PRATIBHA MARKAM Date: 2025.04.26 17:16:14 +0530