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CNR: UPMB040020982023
PENDING

1-State Government vs AMAN

Case Number1853
Date of Filing--
Case TypeWarrant or Summons Criminal Case
Last Hearing8 Sept 2023
State--
City--
Year of Filing2023

Party Details

Petitioner
  • 1-State Government
Respondent
  • AMAN

Case Summary

1-State Government filed Case No. 1853 in the District Court against AMAN. The case has undergone 4 hearings over 6 months. The case is currently pending. 1 order has been issued in this matter.

Hearing History (4)

  • 8SEP 2023
    Disposed

    Judge: Civil Judge Junior Division FTC Mahoba

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  • 6JUL 2023
    Virtual Court Traffic Challan

    Judge: Civil Judge Junior Division FTC Mahoba

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  • 19APR 2023
    Virtual Court Traffic Challan

    Judge: Civil Judge Junior Division FTC Mahoba

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  • 11FEB 2023
    Virtual Court Traffic Challan

    Judge: Civil Judge Junior Division FTC Mahoba

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Orders (1)

Judgement DetailsView full order PDF ↗

न्यायालय Civil Judge junior division FTC, Mahoba पीठासीन अधिकारी-Mr.Arun Kumar Rana,(उ०प्र०न्यायिक सेवा)- UP03660 राज्य बनाम अमन कम्प्यूटर सं0- 1853/2023 धारा- मोटर वाहन अधिनियम जिला- महोबा। दिनांकः-08.09.2023 पत्रावली पेश हुयी। पत्रावली के अवलोकन से विदित होता है कि प्रकरण चालान सं0- UP86421210925131522, वाहन सं0- UP95J3645 दिनांक 25.09.2021 का है। प्रश्नगत प्रकरण मूलतः 31.12.2021 से पूर्व से सम्बन्धि त है तथा लघु अपराध (पी0 टी0 ऑफेन्सेस) की श्रेणी का प्रकरण है। जिसके सम्बन्ध में उ0 प्र0 सरकार द्वारा प्रकाशित विधायी परिशिष्ट भाग-2 खण्ड (क) (उत्तर प्रदेश अध्यादेश) के सं0- 22/79-1-2023-2 क- 2-2023 लखनऊ दिनांकित 22.03.2023 की अधिसूचना द्वारा दिनांक 31.12.2021 से पूर्व के समस्त अपराधों शमन व विचारणों का उपशमन किये जाने के दिशा-निर्देश निर्गत किए गए हैं। जिसके सम्बन्ध में माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र सं0- 1651/एसएलएसए-127/2022 (ऋ-सरन) दिनांकित 19 मई बावत उत्तर प्रदेश विधि (अपराधो का शमन और विचारणो का उपशमन) (संशोधन) अध्यादेश 2023 एवं माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा प्रेषित पत्र दिनांकित 25.08.2023 के द्वारा उत्तर प्रदेश के समस्त न्यायालयों को उक्त का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अतः उक्त शासनादेश विधायी संशोधन में दिए गए दिशा-निर्देशो व माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशो के अनुपालन में प्रश्नगत प्रकरण की कार्यवाही को उपशमित किया जाना न्यायोचित है। आदेश तदानुसार प्रश्नगत प्रकरण की कार्यवाही उत्तर प्रदेश आध्यादेश/विधायी परिवर्तन के आधीन उपशमित की जाती है। आदेश की एक प्रति सम्बन्धि त ए. आर. टी. ओ. कार्यालय महोबा को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित हो। पत्रावली बाद आवश्यक कार्यवाही दाखि ल दफ्तर हो। (अरुण कुमार राणा ) सिविल जज (जू0 डि0)(एफ०टी०सी०) महोबा।