Hamidunnisha vs Mariyam
Party Details
- Hamidunnisha
- Mariyam
Case Summary
Hamidunnisha filed Case No. 1277 in the District Court on 4 Aug 2023 against Mariyam. The case has undergone 3 hearings over 2 months. The case is currently pending. 1 order has been issued in this matter.
Hearing History (3)
- 21OCT 2023DisposedView Order ↗
Judge: Chief Judicial Magistrate
- 6OCT 2023Interim Hearing/Hearing applications/bailView Order ↗
Judge: Chief Judicial Magistrate
- 14AUG 2023Interim Hearing/Hearing applications/bailView Order ↗
Judge: Chief Judicial Magistrate
Orders (1)
- 21OCT 2023Copy of OrderView Order ↗
Order No: 1
Judgement DetailsView full order PDF ↗
न्यायालय मुख्य न्यायियक मजि स्ट्रेट, बाराबंकी। प्रकीर्ण वाद संख्या-1277/2023 हमीदुयि&शा बनाम मरिरयम व अन्य दिदनांक 21-10-2023 पत्रावली आदेशार्थ प्रस्तुत। प्रार्थिर्थनी हमीदुयि&शां द्वारा दिवपक्षीगर्ण मरिरयम,रूबीना,सबीना, सलीना, रीबू, आलम, रफीक, ाजिसम एवं दो तीन अन्य व्यदि; नाम पता अज्ञात के दिवरूद्घ प्रार्थना-पत्र अन्तगत धारा-156(3) दं०प्र०सं० प्रस्तुत कर दिनवेदन दिकया गया है दिक अभिFयोग पं ीकृत कर दिववेचना का आदेश पारिरत दिकया ावे। प्रार्थना-पत्र पर पूव मे सुना ा चुका है। मैने र्थाना ैदपुर, बाराबंकी की आख्या एवॅ पत्रावली पर उपलब्ध प्रपत्रो का परिरशीलन दिकया। प्रार्थना-पत्र मे वर्थिर्णत तथ्यों व र्थाना आख्या के अनुसार प्रकरर्ण मे रास्ते का दिववाद है। प्रार्थना-पत्र मे वर्थिर्णत तथ्यों से प्रार्थN को अपने कर्थनो के सम्बन्ध मे समस्त तथ्य ज्ञात है आैर वह प्रकरर्ण के सम्बन्ध मे साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है। प्रार्थना-पत्र मे वर्थिर्णत तथ्यों की संवीक्षा न्यायालय द्वारा दिकया ाना उयिचत प्रतीत होता है। इस सन्दF मे माननीय उच्चतम न्यायालय ने श्रीदिनवास गुण्डलुरिरयाण्ड आदिद बनाम एस0 ई0 पी0 सी0 ओ0 इलेक्ट्रादिनक पांवर कांट्रेंक्शन कांरपोरेशन एवं अन्य एस0 सी0/ 0539/2010 मे यह दिवयिध जिसद्धान्त प्रयितपादिदत दिकया है दिक मजि स्ट्रेट को अपने दिववेक का प्रयोग करते हुए यह दिनधारिरत करना है दिक वह दिकसी Fी कायवाही मे पुलिलस के द्वारा दिववेचना कराये अर्थवा धारा-200 दं0 प्र0 सं के अन्तगत मामले को परिरवाद के रूप मे द करे। माननीय उच्च न्यायालय की वृहद खण्डपीठ ने सुखवासी बनाम स्टेट आफ यू0 पी0 प्रकीर्ण प्रार्थना प्रत्र संख्या-9297/07 मे यह जिसद्धान्त प्रयितपादिदत दिकया है दिक यदिद प्रार्थना-पत्र अन्तगत धारा-156(3) सी0 आर0 पी0 सी0 पर दिववेचना करवाया ाना आवश्यक न हो तो उसे परिरवाद के रूप मे द दिकया ा सकता है। अतः मामले के तथ्यों एवं परिरस्थिस्र्थयितयों एवं माननीय उच्चतम न्यायालय तर्था माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा प्रयितपादिदत उपरो; दिवयिधक व्यवस्र्थाओं के अनुक्रम मे प्रस्तुत आवेदन अन्तगत धारा- 156(3) सी0 आर0 पी0 सी0 को परिरवाद के रूप मे द दिकया ाना न्यायोयिचत एवं दिवयिध सम्मत होगा। आदेश प्रार्थN का प्रार्थना-पत्र अन्तगत धारा-156(3) सी0 आर0 पी0 सी0 परिरवाद के रिरवाद के रूप मे पं ीकृत हो। वास्ते साक्ष्य अन्तगत धारा-200 दं0 प्र0 सं0, पत्रावली दिदनांक 16-11-2023 को पेश हो। पत्रावली दिवयिधनुसार दिनस्तारर्ण हेतु सम्बस्थिन्धत क्षेत्रायिधकार के न्यायालय को सन्दर्थिFत की ाती है। ( सं य कुमार-VI ) सी0 े0 एम0, बाराबंकी।