State Government vs Kailash Kumar
Party Details
- State Government
- Kailash Kumar
Case Summary
State Government filed Case No. 8951 in the District Court on 3 Aug 2023 against Kailash Kumar. The case has undergone 6 hearings over 2 months. The case is currently pending. 2 orders have been issued in this matter.
Hearing History (6)
- 27OCT 2023DisposedView Order ↗
Judge: District & Session Judge
- 13OCT 2023HearingView Order ↗
Judge: District & Session Judge
- 29SEP 2023HearingView Order ↗
Judge: District & Session Judge
Orders (2)
- 27OCT 2023bail orderView Order ↗
Order No: 2
- 17AUG 2023bail orderView Order ↗
Order No: 1
Judgement DetailsView full order PDF ↗
1 न्यायालयः सत्र न्यायाधीश, गाजियाबाद। उपस्थितः अनिल कुमार-X, उच्चतर न्यायियक सेवा J.O.
Code - UP6522 अनि2म मात प्रा4ापत्र संख्या- 3191/2023 कम्प्यूटर रजिट्रेश ं०-8951 /2023 (CNR No: UPGZ010154832023) कैलाश कुमार पुत्र श्री ल सिंसह निवासी 2ाम खिPरपुर ाा गभाा जिला-अलीगढ, उत्तर प्रदेश। …...........................अभिभयुक्त बाम उ०प्र०सरकार …...........................निवपक्षी मुकदमा अपराध संख्या- 661/2022 धारा-406, 409, 504 भा०द०सं० ाा- मोदीगर, जिला- गाजियाबाद। 27.10.2023 यह प्रम अनि2म मात प्रा4ापत्र मय शपपत्र आवेदक/अभिभयुक्त कैलाश कुमार की आेर से द०प्र०सं० की धारा 438 के अंतग4त अनि2म मात हेतु प्रतुत निकया गया है। 2. संक्षेप में अभिभयो काक इस प्रकार है निक वादी मुकदमा शौनिकन्द्र राणा े निदांक 06.10.2022 को ाा मोदीगर पर इस आशय की प्रम सूचा रिरपोट4 द4 करायी है निक वादी शाPा प्रबन्धक शाPा भारत फाइेंभिशयल इन्क्लू ली कम्पी (इंडसइंड बैंक) शाPा मोदीगर गली ं.-8 ब्रहमपुरी मोदीगर में काय4रत है। वादी कम्पी भारत सरकार द्वारा पंीकृत कम्पी है। कम्पी का मुख्य काय4 गरीब व रूरतमंद मनिहलआें को आसा KYC के आधार पर छोटे लो देकर आसा निकश्तों में साप्तानिहक वसूली करा है। यह की कम्पी की उपरोक्त शाPा पर टाफ अय कुमार शमा4, प्रवीण कुमार, छोटू सिंसह, कैलाश कुमार, अनिमत शमा4 हैं ता उपरोक्त कम्पी में फील्ड टाफ के पद पर काय4 कर रहे े। इका काय4 कम्पी के लोकल मेम्बरों को लो उपलब्ध कराा ता लो का साप्तानिहक कलेक्श करा ा। पांचों टाफ े कम्पी की मोदीगर शाPा के अलग अलग सेंटरों के लो मेम्बरों से प्राप्त रूपयों को कम्पी में मा हीं निकया। वयं अपे पास रP खिलया। टाफ छोटू सिंसह े 15,95,848 रूपये कैलाश कुमार े 4,49,105/- रूपये ता अनिमत शमा4 े 2,68,368/-रूपये ो कम्पी की पूंी ी, कम्पी में मा हीं निकया। वादी को उपरोक्त निवषय की ाकारी सम्बस्थिन्धत टाफ के सेन्टरों पर निवजिट करे पर हुइ4। कम्पी द्वारा घटा की ांच की गयी जिसमें तीों टाफ द्वारा पूंी में हेरा फेरी की गयी। तीों टाफ से सख्ती से पूछताछ करे पर टाफ े उपरोक्त रूपया अपे पास होा वीकारा हैं। कैलाश कुमार े 2,41,000/-रूपये निदांक 11.05. ांक 11.05.2022 को अनिमत शमा4 े 1,00,000/- रूपये निदांक 11.05.2022 को कम्पी में मा निकये ता बाकी रूपये मा करे का बोलकर निदांक 11.05.2002 को कम्पी मोदीगर शाPा से चले गये। छोटू सिंसह े कोइ4 रूपया मा हीं निकया ता निबा निकसी सूचा के निदांक 13.07.2022 को कम्पी शाPा से चला गया। कैलाश कुमार पर बकाया रकम 2,08,105/-रूपये ता निदांक 28.07.2022 को अनिमत शमा4 े 1,30,000/-रूपये मा निकये। अनिमत शमा4 पर बकाया 38,368 रूपये कम्पी के बाकी रहे। तीों टाफ से कइ4 बार रकम मा करे को कहा गया परन्तु तीो टाल मटोल करते रहे ता रूपया मा करे से इंकार कर निदया आैर गाली गलौंच करते हुए कहा निक ो कम्पी या तुमसे ो हो कर लो वे रूपया मा हीं करेगें। पांचों व्यनिक्तयों े कम्पी की पूंी को साजिश हेरा फेरी करके अमात में ख्यात करे का अपराध निकया है। 3. आवेदक/अभिभयुक्त की आेर से निवद्वा अयिधवक्ता द्वारा अनि2म मात प्रा4ापत्र पर बहस करते हुए कहा गया है निक आवेदक/अभिभयुक्त निदzष है, उसे झूंठा फंसाया गया है। वातनिवकता यह है निक आवेदक/अभिभयुक्त वादी मुकदमा के यहां ौकरी करता ा। आवेदक/अभिभयुक्त का वादी मुकदमा े अप्रेल माह से वेत हीं निदया आैर कइ4 माह का वेत हो गया। आवेदक/अभिभयुक्त द्वारा Digitally signed by ANIL KUMAR Date: 2023.10.27 18:09:38 IST Reason: Document Owner Location: District and Sessions Court % DSUnknown q 1 G 1 g 0.1 0 0 0.1 9 0 cm 0 J 0 j 4 M []0 d 1 i 0 g 313 292 m 313 404 325 453 432 529 c 478 561 504 597 504 645 c 504 736 440 760 391 760 c 286 760 271 681 265 626 c 265 625 l 100 625 l 100 828 253 898 381 898 c 451 898 679 878 679 650 c 679 555 628 499 538 435 c 488 399 467 376 467 292 c 313 292 l h 308 214 170 -164 re f 0.44 G 1.2 w 1 1 0.4 rg 287 318 m 287 430 299 479 406 555 c 451 587 478 623 478 671 c 478 762 414 786 365 786 c 260 786 245 707 239 652 c 239 651 l 74 651 l 74 854 227 924 355 924 c 425 924 653 904 653 676 c 653 581 602 525 512 461 c 462 425 441 402 441 318 c 287 318 l h 282 240 170 -164 re B Q 2 वादी से कइ4 बार अपे वेत की मांग की निकन्तु वादी े अावेदक/अभिभयुक्त का वेत हीं निदया। प्रम सूचा रिरपोट4 देरी से द4 करायी गयी ह रायी गयी है। आवेदक/अभिभयुक्त े कोइ4 धोPाधडी हीं की है आैर ही ले दे में कोइ4 हेरा फेरी की है। सह अभिभयुक्त छोटू सिंसह की अनि2म मात निदांक 01.12.2022 को वीकार हो चुकी है। यह भी तक4 निदया गया है निक पुखिलस उसे निगरफ्तार करा चाहती है। यनिद पुखिलस द्वारा उसे निगरफ्तार निकया ाता है तो इससे उसकी सामाजिक प्रयितष्ठा धूनिमल हो ाएगी। उपरोक्त आधार पर अनि2म मात की याचा की गयी है। 4. निवद्वा जिला शासकीय अयिधवक्ता (फौदारी) द्वारा अनि2म मात प्रा4ापत्र का निवरोध करते हुए कहा गया है निक आवेदक/अभिभयुक्त ता सह अभिभयुक्त वादी की कम्पी में काय4रत े आैर लो का पैसा कलेक्श के बाद बैंक/कम्पी में मा हीं निकया। आवेदक/अभिभयुक्त पर 4,49,105/-रूपये गब का आरोप है। अनि2म मात का कोइ4 आधार हीं है। 5. आवेदक/अभिभयुक्त के निवद्वा अयिधवक्ता एवं निवद्वा जिला शासकीय अयिधवक्ता फौदारी के तक4 निवतृत रूपसे सुे गये ता केस डायरी का सम्यक अवलोक निकया। 6. प्रम सूचा रिरपोट4 के अुसार आवेदक/अभिभयुक्त पर आरोप है निक आवेदक/अभिभयुक्त ता सह अभिभयुक्तगण वादी की कम्पी में काय4रत े आैर लो का पैसा कलेक्श के बाद बैंक/कम्पी में मा हीं निकया। प्रम सूचा रिरपोट4 के अुसार आवेदक/अभिभयुक्त पर अंक 4,49,105/-रूपये हेरा-फेरी करे का आरोप है। सह अभिभयुक्त छोटू सिंसह की अनि2म मात निदांक 01.12.2022 को वीकार हो चुकी है। आवेदक/अभिभयुक्त की भूनिमका सह अभिभयुक्त छोटू सिंसह के समा हैं। अावेदक/अभिभयुक्त आ निदांक तक अंतरिरम अनि2म मात पर है। 7. उपरोक्त समत तथ्यों, परिरस्थियितयों एवं अपराध की प्रकृयित को दृनि•गत रPते हुए, गुणदोष पर कोइ4 राय व्यक्त निकये निबा, आवेदक/अभिभयुक्त को अनि2म मात पर रिरहा निकये ाे का पया4प्त आधार है। तदुसार आवेदक/अभिभयुक्त का अनि2म मात प्रा4ापत्र वीकार होे योग्य है। आदेश आवेदक/अभिभयुक्त कैलाश कुमार का उपरोक्त अपराध में अनि2म मात प्रा4ापत्र वीकार निकया ाता है। आवेदक/अभिभयुक्त द्वारा अंक 50,000/-रूपये का व्यनिक्तगत बंधपत्र एवं समा धराभिश की दो प्रयितभू सम्बस्थिन्धत न्यायालय की सन्तुनि• के अुरूप अन्दर 10 निद सम्बस्थिन्धत न्यायालय में दाखिPल करे पर उसे अनि2म मात पर निम् शता4ुसार रिरहा निकया ाए- (i) आवेदक/अभिभयुक्त निववेचा/निवच वेचा/निवचारण में सहयोग प्रदा करेगा ता न्यायालय द्वारा नियत यितभियों पर उपस्थित होगा। (ii) आवेदक/अभिभयुक्त प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मामले के तथ्याें से भिभज्ञ निकसी व्यनिक्त को कोइ4 उत्प्रेरणा, धमकी या वच हीं देगा, जिससे निक उसे एेसे तथ्यों को न्यायालय या निकसी अन्य पुखिलस अयिधकारी को प्रकट करे के खिलए माया ा सके। (iii) आवेदक/अभिभयुक्त न्यायालय की पूव4 अुज्ञा के निबा भारत हीं छोड़गा। (iv) आवेदक/अभिभयुक्त आरोनिपत अपराध के समा एेसे निकसी अन्य अपराध में संखिलप्त हीं होगा, जिसमें उसे आरोनिपत निकया गया है। (v) उपरोक्त शतz के उल्लंघ पर सम्बस्थिन्धत न्यायालय/परीक्षण न्यायालय को यह पूण4 अयिधकार होगा निक वह कभी भी अभिभयुक्त की निगरफ्तारी के खिलए द०प्र०सं० में निदये गये प्रपीडात्मक काय4वानिहयों का उपयोग कर सकती है ता सम्बस्थिन्धत न्यायालय/परीक्षण न्यायालय द्वारा अभिभयुक्त को अभिभरक्षा में खिलये ाे के पश्चात अभिभयुक्त को तभी रिरहा निकया ायेगा ब उके द्वारा सम्बस्थिन्धत न्यायालय/परीक्षण न्यायालय के समक्ष पुः ये जिसरे से मात प्रा4ापत्र प्रतुत निकया ाएगा। (अनिल कुमार-X) निद० 27.10.2023 सत्र न्यायाधीश गाजियाबाद।