NAGESH VAIJNATH NAGARGOJE vs U. O. I. THROUGH G. M.,
Party Details
- NAGESH VAIJNATH NAGARGOJE
- U. O. I. THROUGH G. M.
Case Summary
NAGESH VAIJNATH NAGARGOJE filed Case No. OA (II u)/NGP/24/2023 in the Railway Claims Tribunal on 16 Sept 2022 against U. O. I. THROUGH G. M.. The case has undergone 17 hearings over 1 year and 2 months. The case is currently pending. 1 order has been issued in this matter.
Hearing History (17)
- 16JUL 2024FOR ARGUMENTS
Judge: DIVISION BENCH
- 1JUL 2024FOR ARGUMENTS
Judge: DIVISION BENCH
- 3JUN 2024FOR ARGUMENTS
Judge: DIVISION BENCH
Orders (1)
- 31JUL 2024judgementView Order ↗
Order No: N/A
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रेल दावा अिधकरण, नागपुर पीठ, नागपुर के समᭃ कोरम : ᮰ी राजीव जैन, माननीय सद᭭य (᭠याियक) रेल दावा अिधकरण,नागपुर दावा आवेदन संया - ओए (।। यू)/ एनजीपी/24/2023 दुघᭅटना कᳱ ितिथ - 18.02.2019 दावा दजᭅ करने कᳱ ितिथ - 16.09.2022 िनणᭅय ितिथ - 31.07.2024 3 वादी : 1. ᮰ी नागेश सुपुᮢ वैजनाथ नागरगोजे उ᮫ 22 वषᭅ, ᳞वसाय – कुछ नही िनवासी – िचᮤेवाडी (वडगांव एᲥᳱ) पो᭭ट- शेलगांव, तालुका- चाकूर िजला- लातुर - 413518 बनाम ᮧितवादी : भारत संघ ᳇ारा महाᮧबंधक, दिᭃण म᭟य रेलवे, िसकंदराबाद आवेदक कᳱ ओर से एडवोकेट एन.आर. मानकर ᮧितवादी कᳱ ओर से एडवोकेट एन. लाटी िनणᭅय ᳰदनांक 31 जुलाई 2024 को नागपुर मᱶ पाᳯरत दावे कᳱ रािश ᱧ.8,00,000/- + ᭣याज आवेदक ᮰ी नागेश सुपुᮢ वैजनाथ नागरगोजे ने अनपेिᭃत दुघᭅटना मᱶ गंभीर ᱧप से घायल होने के कारण ᮧितवादी रेलवे के िवᱨ रेल दावा अिधकरण अिधिनयम कᳱ धारा 16 के तहत इस अिधकरण मᱶ मामला दािखल ᳰकया है और ᮧितवादी रेलवे से ᱧ.8,00,000/- के मुआवजे कᳱ मांग कᳱ है । 1. दावा आवेदन के अनुसार दुघᭅटना के मुय अंश :- क. दुघᭅटना कᳱ ितिथ : 18.02.2019 ख. जमी का नाम एवं उ᮫ : नागेश सुपुᮢ वैजनाथ नागरगोजे, 30 वषᭅ ग. आवेदक के जमᲂ का िववरण : अनपेिᭃत दुघᭅटना कᳱ वजह से आवेदक का दािहना हाथ कंधे के पास से कट गया एवं पीठ पर गंभीर चोट लगी । OA(IIu)/NGP/24/2023 2 / 9 घ. ᳯटकट का िववरण : आवेदक ने ᳰदनांक 18.02.2019 को कुमथा खुदᭅ से उदगीर तक कᳱ याᮢा हेतु अनारिᭃत रेल याᮢा ᳯटकट सं.
44258 ᱧ.10/- खरीदी थी िजसे आवेदक ने दावा आवेदन के साथ ए-1 पर ᮧ᭭तुत ᳰकया है । ङ. ᮝेन एवं याᮢा का िववरण : ᳰदनांक 18.02.2019 को आवेदक कुमथा खुदᭅ से उदगीर तक कᳱ याᮢा ᮝेन सं.
57548 पुणाᭅ-हैदराबाद एसᮧेस ᮝेन से कर रहा था । च. संिᭃ᳙ मᱶ घटना का िववरण : ᳰदनांक 18.02.2019 को याᮢा के दौरान ᮝेन को अचानक लगे जोर के झटके के कारण वह उदगीर रेलवे ᭭टेशन के पास ᳰकमी सं.
171/12 पर चलती ᮝेन से िगर गया और ᮝेन के पिहए कᳱ चपेट मᱶ आने से उसका दािहना हाथ गंभीर ᱧप से जमी हो गया और कंधे के पास से कट गया । रेलवे पुिलस एवं अ᭠य यािᮢयᲂ ने उसे सरकारी अ᭭पताल उदगीर मᱶ भतᱮ ᳰकया । प᳟ात सहयाᮤी अ᭭पताल लातूर मᱶ ᳰदनांक 18.02.2019 से 04.03.2019 तक उसका इलाज चलता रहा । छ. ा रहा । छ. अिधकरण का ᭃेᮢािधकार : दुघᭅटना ᭭थल अिधकरण के ᭃेᮢािधकार मᱶ आता है । आवेदक ने इस अनपेिᭃत दुघᭅटना मᱶ गंभीर ᱧप से घायल होने के कारण ᮧितवादी रेलवे से ᱧ.
8,00,000/- मुआवजा रािश और ᭣याज कᳱ मांग कᳱ है । 2. ᮧितवादी रेलवे के जवाब के मुय अंश : अ. ᮧितवादी रेलवे ने िलिखत कथन मᱶ आवेदक के दावा आवेदन के सभी त᭝यᲂ एवं अनपेिᭃत दुघᭅटना को मानने से इंकार करते ᱟए कहा ᳰक जमी ᳰदनांक 18.02.2019 को ᮝेन सं.
57548 पुणाᭅ-हैदराबाद का वैध याᮢी नही था । ᮝेन सं.
57548 के ᮝेन मैनेजर ने जांच अिधकारी को ᳰदए अपने बयान मᱶ बताया ᳰक ᳰदनांक 18.02.2019 को उसकᳱ ᮝेन से ᳰकसी याᮢी के िगरने कᳱ कोई सूचना दजᭅ नही ᱟई थी । उᲦ ᮝेन को कुमथा खुदᭅ से उदगीर के बीच कोई जकᭅ /धᲥा नही लगा था एवं एसीपी भी नही ᱟई थी । डीआरएम ᳯरपोटᭅ के अनुसार जमी ने चलती ᮝेन से उतरने का ᮧयास ᳰकया था । अतः यह मामला ᭭वयं अिधरोिपत चोट कᳱ ᮰ेणी मᱶ आता है एवं इस दुघᭅटना के िलए रेलवे ᳰकसी भी ᮧकार से िज᭥मेदार नहᱭ है । ᮧितवादी रेलवे ने दावा आवेदन के सभी त᭝यᲂ को मानने से इंकार ᳰकया एवं आवेदक के दावा आवेदन को खाᳯरज करने कᳱ मांग कᳱ । ब. डीआरएम ᳯरपोटᭅ का सार :- डीआरएम ᳯरपोटᭅ के िन᭬कषᭅ के ᳰदनांक 18.02.2019 को 13.30 बजे उप ᭭टेशन अधीᭃक/ उदगीर को ᭭थानीय ᳞िᲦ ने सूिचत ᳰकया ᳰक उदगीर ᭭टेशन पर एक अ᭄ात ᳞िᲦ घायल अव᭭था मᱶ ᮝैक पर पड़ा ᱟआ है और उसका दािहना हाथ कट गया है । सूचना ᮧा᳙ होने पर जीआरपी / उदगीर ने घटना ᭭थल ᳰकमी सं.
171/12 अटᱶड ᳰकया और घायल को सरकारी अ᭭पताल/ उदगीर पᱟंचाया । घायल ᳞िᲦ कᳱ पहचान नागेश सुपुᮢ OA(IIu)/NGP/24/2023 3 / 9 वैजनाथ नागरगोजे के तौर पर ᱟई । जमी के पास से कुमथा खुदᭅ से उदगीर तक कᳱ याᮢा हेतु रेल याᮢा ᳯटकट सं.
44258 ᮧा᳙ ᱟई जो स᭜यापन के दौरान सही पायी गई । जांच के दौरान जमी ने अपने बयान मᱶ बताया ᳰक वह ᮝेन सं.
57548 के जनरल कोच के दरवाजे के पास खडे होकर कुमथा खुदᭅ से उदगीर कᳱ याᮢा कर रहा था और चलती ᮝेन से उतरने के ᮧयास मᱶ िगर कर जमी ᱟआ था । उᲦ घटना मᱶ रेलवे कᳱ कोई गलती नही है । स. ᮝायल के दौरान ᳰकए गए ᮧितवाद या डीआरएम ᳯरपोटᭅ से िभ᳖ त᭝य :- कुछ नहᱭ 3. िमसाल के तौर पर ᮧ᭭तुत ᳰकए गए मामले एवं उनका अंश :- 4. ᮧ᭭तुत कᳱ गई गवाही का िववरण:- नागेश सुपुᮢ वैजनाथ नागरगोजे कᳱ गवाही ᳰदनांक 01.02.2024 को ए.ड᭣᭨यू. ो ए.ड᭣᭨यू.1 के तौर पर पेश कᳱ गई एवं ए-1 से ए-16 के अनुसार द᭭तावेज दािखल ᳰकए गए । ए.ड᭣᭨यू.1 ने कहा ᳰक वह 10वᱭ तक पढ़ा है । वह ᮝेन के दरवाजे के पास खडे होकर याᮢा कर रहा था । अिधकरण के समᭃ ᮧ᭭तुत अपने एᳰफडेिवट मᱶ जमी ने बताया ᳰक ᳰदनांक 18.02.2019 को वह अपने ᳯर᭫तेदार ᮰ी िव᭬णु सुपुᮢ अशोक कᱶᮤे के साथ कुमथा खुदᭅ रेलवे ᭭टेशन पर आया और कुमथा खुदᭅ से उदगीर कᳱ याᮢा ᮝेन सं.
57548 पुणाᭅ – हैदराबाद पैसᱶजर ᮝेन से याᮢा हेतु ᭭वयं के िलए रेल याᮢा ᳯटकट सं.
44258 ᱧ.10/- कᳱ खरीद कᳱ । वह अपने ᳯर᭫तेदार के साथ वैध याᮢा ᳯटकट के साथ उᲦ ᮝेन मᱶ याᮢा कर रहा था । ᮝेन मᱶ अ᭜यािधक भीड़ होने के कारण वह ᮝेन के दरवाजे के पास खडे होकर याᮢा कर रहा था । ᮝेन जब उदगीर रेलवे ᭭टेशन के ᭡लेटफामᭅ पर आ रही थी उसी समय ᮝेन के लगे अचानक लगे जोर के झटके के कारण वह चलती ᮝेन से ᳰकमी सं.
171/12 पर उदगीर रेलवे ᭭टेशन पर िगरकर गंभीर ᱧप से जमी हो गया । ᮝेन के पिहए कᳱ चपेट मᱶ आने से उसका दािहना हाथ कट गया और पीठ मᱶ (Lumber Vertebra L-1) चोट लगी । 5. िनधाᭅᳯरत ᳰकए गए मुे एवं मुᲂ पर िवचार कर िलया गया िनणᭅय – दोनᲂ पᭃᲂ कᳱ दलीलᲂ के आधार पर िनधाᭅᳯरत ᳰकए गए मुेः- मुा ᮓ.1 या आवेदक संबंिधत ितिथ को वैध याᮢा ᳯटकट के साथ किथत ᮝेन का सद् भािवक याᮢी था ?
6. दावा आवेदन के अनुसार आवेदक ने ᳰदनांक 18.02.2019 को कुमथा खुदᭅ से उदगीर तक कᳱ याᮢा हेतु अनारिᭃत रेल याᮢा ᳯटकट सं.
44258 ᱧ.10/- खरीदी थी िजसे आवेदक ने दावा आवेदन के साथ एजीिबट ए-1 पर ᮧ᭭तुत ᳰकया है । 7. ᮧितवादी रेलवे ने जमी ᳇ारा ᳯरकाडᭅ पर दािखल रेल याᮢा ᳯटकट को मानने से इंकार ᳰकया और कहा ᳰक घटना ᭭थल पंचनामा मᱶ कोई रेल याᮢा ᳯटकट या पास बरामद नही ᱟआ था । 8. घटना के प᳟ात िनरीᭃक / आरपीएफ/ परली ᳇ारा बनाए गए अनपेिᭃत दुघᭅटना का संिᭃ᳙ िववरण (फामᭅ-2) जो डीआरएम ᳯरपोटᭅ के साथ पृ᳧ सं 13 और 14 पर संलᲨ है मᱶ जमी के पास से ᳲᮧंटेड काडᭅ ᳯटकट सं.
44258 ᳰदनांक 18.02.2019, सामा᭠य ᮰ेणी, कुमथा खुदᭅ से OA(IIu)/NGP/24/2023 4 / 9 उदगीर ᮧा᳙ होने का उ᭨लेख है । डीआरएम ᳯरपोटᭅ के साथ संलᲨ पृ᳧ सं 16 पर उᲦ ᳯटकट का स᭜यापन सटᱮᳰफकेट ᮧ᭭तुत है । िजसमᱶ स᭜यािपत ᳰकया गया ᳰक ᳲᮧंटेड ᳯटकट सं.
44258 कुमथा रोड से उदगीर को कुमथा खुदᭅ हॉ᭨ट एजᱶट ᳇ारा जारी ᳰकया गया था िजसे ᳯरकाडᭅ के अनुसार ᮓमांक सं. ᮓमांक सं.
44100 से 44600 तक को ᳰदनांक 31.01.2019 को HER ᭭टेशन ᳇ारा आपूᳶतᭅ ᳰकया गया । इससे ᭭प᳥ होता है ᳰक उᲦ ᳯटकट जमी कᳱ ही है और वह रेल याᮢा ᳯटकट खरीद कर अिधकृत याᮢी के नाते से याᮢा कर रहा था । तदनुसार इस मुे का िनधाᭅरण आवेदक के पᭃ मᱶ ᳰकया जाता है। मुा ᮓ.2 .या आवेदक ने यह सािबत ᳰकया ᳰक वह रेल अिधिनयम कᳱ धारा 123 (सी) के तहत किथत ितिथ को अनपेिᭃत दुघᭅटना मᱶ जमी ᱟआ था ?
9. दावा आवेदन के अनुसार आवेदक ᳰदनांक 18.02.2019 को अनारिᭃत ᳯटकट सं.
44258 के साथ ᮝेन सं.
57548 पुणाᭅ-हैदराबाद एसᮧेस से कुमथा से उदगीर तक कᳱ याᮢा कर रहा था । याᮢा के दौरान ᮝेन को अचानक लगे जोर के झटके के कारण वह उदगीर रेलवे ᭭टेशन के पास ᳰकमी सं.
171/12 पर चलती ᮝेन से िगर गया और ᮝेन के पिहए कᳱ चपेट मᱶ आने से उसका दािहना हाथ गंभीर ᱧप से जमी हो गया एवं कंधे के पास से कट गया साथ ही पीठ मᱶ गंभीर चोट लगी । रेलवे पुिलस एवं अ᭠य यािᮢयᲂ ने उसे सरकारी अ᭭पताल उदगीर मᱶ भतᱮ ᳰकया । प᳟ात सहयाᮤी अ᭭पताल लातूर मᱶ ᳰदनांक 18.02.2019 से 04.03.2019 तक उसका इलाज चलता रहा । 10. ᮧितवादी रेलवे का कहना है ᳰक जमी ᳰदनांक 18.02.2019 को ᮝेन सं.
57548 का वैध याᮢी नही था । ᮝेन सं.
57548 के ᮝेन मैनेजर ने अपने बयान मᱶ बताया ᳰक ᳰदनांक 18.02.2019 को उसकᳱ ᮝेन से ᳰकसी याᮢी के िगरने कᳱ कोई सूचना दजᭅ नही ᱟई थी । डीआरएम ᳯरपोटᭅ के अनुसार जमी ने चलती ᮝेन से उतरने का ᮧयास ᳰकया था । अतः यह मामला ᭭वयं अिधरोिपत चोट कᳱ ᮰ेणी मᱶ आता है एवं इस दुघᭅटना के िलए रेलवे ᳰकसी भी ᮧकार से िज᭥मेदार नहᱭ है । 11. ᭭टेशन अधीᭃक/ उदगीर ᳇ारा आरपीएफ/ जीआरपी/ उदगीर को िलिखत मेमो (एजीबीट ए-2) जारी कर सूिचत ᳰकया ᳰक एक लडका उ᮫ लगभग 18 वषᭅ ᮝैक पर िमला िजसका हाथ कट गया है । यह सूचना ᮝेन सं.
57548 के पास हो जाने के प᳟ात तुरंत िमली है । यह सूचना ᭭थानीय ᳞िᲦ ने दी है । सूचना ᮧा᳙ होने पर जीआरपी / परली वैजनाथ ने घटना ᭭थल अटᱶड ᳰकया एवं उᲦ घटना को पुिलस ᭭टेशन डायरी (एजीबीट ए-3) मᱶ दजᭅ ᳰकया । पुिलस ᭭टेशन डायरी मᱶ उ᭨लेिखत है ᳰक नागेश वैजनाथ नागरगोजे उ᮫ 18 लगभग ᮝेन सं.
57548 पुणाᭅ- हैदराबाद पैसᱶजर ᮝेन से आज ᳰदनांक 18.02.2019 को कुमथा खुदᭅ से उदगीर कᳱ याᮢा करते ᱟए उदगीर रेलवे ᭭टेशन पर ᳰकमी स. पर ᳰकमी स.
171/12 पर ᭡लेटफामᭅ के ऑफ साईड से उतरते समय ᮝेन को अचानक लगे जोर के झटके से चलती ᮝेन से नीचे िगर गया िजससे उसका दािहना हाथ कट गया । जीआरपी / परली वैजनाथ ᳇ारा इस घटना के संबंध मᱶ तैयार जमी का रिज᭭टर (एजीबीट ए-4) और घटना ᭭थल पंचनामा (एजीबीट ए-5) मᱶ भी उ᭨लेिखत है ᳰक जमी उदगीर रेलवे ᭭टेशन के ᳰकमी सं.
171/12 के पास ᭭टाटᭅर िसगनल सं एस/17 के पास चलती ᮝेन से िगर गया । OA(IIu)/NGP/24/2023 5 / 9 12. इस घटना के संबंध मᱶ रेलवे सुरᭃा बल/ परली वैजनाथ ᳇ारा बनाए गए िव᭭तृत दुघᭅटना ᳯरपोटᭅ (DAR) जो डीआरएम ᳯरपोटᭅ के साथ पृ᳧ सं.11 पर ᮧ᭭तुत है के ᮓ.सं.
20 मᱶ Possible cause for death or Injury मᱶ fallen down from train No 57548 उि᭨लिखत है । 13. सहयाᮤी एसीडᱶट एवं ᭠यूरो केयर सᱶटर ᮧाईवेट िलमीटेड/ लातुर ᳇ारा बनायी गई आवेदक कᳱ िड᭭चाजᭅ काडᭅ (एजीबीट ए-10) मᱶ “Fall from running railway at Udgir station on 18.12.2019” िलखा है । 14.
Hon’ble Apex Court in case of Rina Devi in Civil Appeal No.
4945 of 2018 decided on 09/05/2018 observed that unless negligence is callous and imprudent and there is an intent to harm, it cannot be termed as Self Inflicted Injury.
Self-inflicted injury has been defined as an injury suffered by a person with intention to suffer harm.
In this case, there is no such intent in the instant case.
No cogent evidence could be adduced by the Respondent which may establish that the applicant injured due to self inflected injury or any other reasons.
Thus based on above facts and other evidences placed on record, it is clearly established that the accidental fall of applicant while boarding the train was an untoward incident resulting into injuries to applicant.
15. यह घटना रेलवे ᭭टेशन पᳯरसर मᱶ ᱟई है इसिलए रेलवे अपनी ᭭ᮝीट लाइिबिलटी से बच नहᱭ सकती । यᳰद कोई अिधकृत याᮢी याᮢा के दौरान चलती ᮝेन से ᭭टेशन पर या िमड सेशन मᱶ िगरकर जमी होकर मृत या घायल हो जाए तो इसे अनपेिᭃत दुघᭅटना ही माना जाएगा । माननीय उᲬतम ᭠यायालय ᳇ारा िसिवल अपील सं.
4945/2018 (Special Leave Petition (Civil) No.10223 @ D.No.
23 @ D.No.6059/2018) भारत संघ बनाम रीना देवी मᱶ ᳰदनांक 09 मई 2018 को पाᳯरत आदेश एवं ᳰदशािनदेश के तहत चलती गाड़ी मᱶ चढ़ते समय या उतरते समय घᳯटत घटना को अनपेिᭃत दुघᭅटना माना गया है । 16. अतः मेरे िवचार मᱶ आवेदक अनपेिᭃत दुघᭅटना मᱶ घायल ᱟआ है और रेलवे, आवेदक को मुआवजा देने के िलए उᱫरदायी है । अतः मुा ᮓ.
02 आवेदक के पᭃ मᱶ उᱫᳯरत ᳰकया जाता है । मुा ᮓ.
3 - राहत ?
17. मुा ᮓमांक 1 और 2 आवेदक के पᭃ मᱶ उᱫᳯरत होने के कारण यह माना जा सकता है ᳰक आवेदक ᮝेन का सद् भािवक याᮢी था और अनपेिᭃत दुघᭅटना मᱶ घायल ᱟआ था। आवेदक मुआवजा ᮧा᳙ करने का अिधकारी है । अतः इस मामले मᱶ िन᳜ आदेश पाᳯरत ᳰकया जाता हैः- 18. रेलवे एसीडᱶट व अनटुवडᭅ इंिसडᱶट (कंपनसेशन) िनयम, 1990 के साथ संलᲨ अनुसूची भाग-I के तहत िनधाᭅᳯरत मुआवजा रािश, जो सामा᭠य व सहायक िनयम नं.
1165 (ई), OA(IIu)/NGP/24/2023 6 / 9 ᳰदनांक 22.12.2016 के अंतगᭅत संशोिधत कᳱ गई है तथा ᳰदनांक 01.01.2017 से लागू है, के अनुसार आवेदक को मुआवजा ᮧदान ᳰकया जा रहा है । 19. आवेदक ᳇ारा ᳯरकाडᭅ पर दािखल ᳰकए गए सहयाᮤी एसीडᱶट एवं ᭠यूरो केयर सᱶटर ᮧाईवेट िलमीटेड/ लातुर ᳇ारा जारी िड᭭चाजᭅ काडᭅ (एजीबीट ए-10), आवेदक का िडसािबिलटी सटᱮᳰफकेट (एजीबीट ए-11) एवं आवेदक ᳇ारा ᳯरकाडᭅ पर दािखल रंगीन त᭭वीर (एजीबीट ए-13) और (एजीबीट ए-14) का अवलोकन ᳰकया गया । िडसािबिलटी सटᱮᳰफकेट मᱶ िलिखत है ᳰक “He is a case of Locomotor Disability and case is Fracture lumbar vertebra L1 and he has 70% permanent Disability” । ᳰदनांक 01.02.2024 को अिधकरण मᱶ ᮧ᭜यᭃ ᱧप से आवेदक के जमᲂ का परीᭃण ᳰकया गया िजससे ᭄ात होता है ᳰक आवेदक का दािहना हाथ कंधे के पास से कट गया है और पीठ मᱶ भी चोट लगी है । आवेदक को लगे जम ᳰदनांक 01.01.2017 को संशोिधत रेलवे एसीडᱶट व अनटूवडᭅ इंिसडᱶट (क᭥पनसेशन) िनयम,1990, संशोधन िनयम, 2016 कᳱ अनुसूची के तहत आते हᱹ । अनुसूची के भाग-III ᮓमांक 1 के तहत आवेदक को िमलने वाली दावा रािश का िववरण िन᳜ानुसार हैः – ᮓ.1- ᭭कंध संिध से िव᭒छेदन के िलए (For amputation through shoulder joint ) के िलए ᱧ.
7,20,000/- (ᱧ. सात लाख बीस हजार माᮢ) है । अतः इस मामले मᱶ िन᳜ आदेश पाᳯरत ᳰकया जाता है । आदेश 20. यह दावा आवेदक के पᭃ मᱶ िनणᱮत ᳰकया जाता है । ᮧितवादी रेलवे ᳇ारा आवेदक को ᱧ.
7,20,000/- (ᱧ. ,000/- (ᱧ. सात लाख बीस हजार माᮢ) का मुआवजा देने का आदेश ᳰदया जाता है । आवेदक को दुघᭅटना कᳱ ितिथ अथाᭅत 18.02.2019 से भुगतान कᳱ ितिथ तक मुआवजा रािश पर 9% साधारण ᭣याज कᳱ दर से ᭣याज भी ᮧदान ᳰकया जाता है । मुआवजा रािश का िवतरण िन᳜ानुसार है– आवेदक का नाम मुआवजा रािश मुआवजा रािश का िवतरण नकद रािश ए᭠यूटी रािश/ सावधी जमा ᮰ी नागेश सुपुᮢ वैजनाथ नागरगोजे ᱧ.
7,20,000/- ᱧ.
72,000/- + ᭣याज 6,48,000/- 21. जहाँ तक मुआवजे कᳱ रािश के िवतरण का ᮧ᳤ है, गीता देवी बनाम भारत संघ (एफ.ए.ओ.
22/2015 एवं सीएमए 4501/2015) ᳰदनांक 24 मई, 2019, मामले मᱶ माननीय उᲬ ᭠यायालय ᳰद᭨ली ᳇ारा िन᳜ बातᲂ पर गौर कर आदेश पाᳯरत ᳰकया गया – 5.
As Regards Amendment to the Railway Accidents and Untoward Incidents (Compensation) Rules, 1990 1.1 Many of the claimants are drawn from rural areas with low levels of literacy and lower levels of making appropriate decision for the use of OA(IIu)/NGP/24/2023 7 / 9 amounts guaranteed under the awards.
There are several instances of their exploitation by middlemen and touts operating in the field.
The scope for such exploitation is itself one of the incentives for fomenting bogus claims, fabricated documents and duplicate claims in different Benches of the Tribunal for the same cause of action.
The availability of bulk funds in the name of an ill-informed claimant is also a cause for exploitation.
A scheme for protection of the amount due to such a claimant is the need of the hour.
Earlier, this Court has involved 21 Nationalised Banks in dialogue to evolve a scheme of annuities for disbursement of claims.
They have been ordered already to be implemented in this case, vide directions passed on 22nd February, 2019.
This scheme as applied to motor accident claims has been approved by the Supreme Court in its order dated 05th March, 2019 in Krishnamurthi v New India Insurance Company, SLP (C) No.31521-31522 OF 2017.
A statutory rule backing will, therefore, best serve the interest of litigant…..” 22. nt…..” 22. माननीय उᲬ ᭠यायालय ᳰद᭨ली ᳇ारा पाᳯरत ᳰकए गए आदेश के अनुपालन मᱶ भारत सरकार ने ᳰदनांक 3 जून 2020 को अिधसूचना ᮓ.जीएसआर (ई) 347 जारी करते ᱟए रेलवे दुघᭅटना एवं अनपेिᭃत दुघᭅटना (मुआवजा) िनयम 1990 के िनयम 5 को संशोिधत ᳰकया जो िन᳜ानुसार हैः- “5.
Mode of Payment - 5.1 The Tribunal may, in order to protect the sum awarded to the claimant, having due regard to the illiteracy or other disabling factors impairing the judicious use of such sum, issue directions for disbursing the award in terms of annuities, fixed deposits or other suitable mode as shall subserve justice.
5.2 If any of the claimants is a minor or person of unsound mind, the Tribunal may give liberty to the guardian ad litem to use the interest accruals on the deposit that shall be made during the minority for maintenance.
5.3 Nothing in this rule shall limit the power of the Tribunal to make modifications of the mode of disbursal for reasons to be stated in writing depending on the exigencies requiring liquidation of any corpus created for annuity or premature closure of fixed deposit, for the benefit of the claimant.
5.4 The orders dated 21st April, 2017, 24th May, 2019 and 06th November, 2019 of Hon’ble High Court of Delhi in FAO No.
22/2015 and CM Application No.
4501/2015 in Geeta Devi Vs Union of India, relating to disbursement of compensation shall be read as part of this rule.
OA(IIu)/NGP/24/2023 8 / 9 23. अतः ᳰदनांक 03 जून 2020 के नोᳯटᳰफकेशन के अंतगᭅत संशोिधत रेलवे दुघᭅटना एवं अनपेिᭃत दुघᭅटना (मुआवजा) िनयम 1990 के िनयम 5 के अनुपालन के अनुसार वतᭅमान केस मᱶ मुआवजा रािश का िवतरण िन᳜ानुसार ᳰकया जाता हैः- 24. आवेदक को ᮧदान कᳱ गई मुआवजा रािश मᱶ से 10% एवं ᭣याज कᳱ रािश को उसके बचत बᱹक खाते मᱶ ईसीएस/एनईएफटी के मा᭟यम से जमा ᳰकया जाएगा । आवेदक कᳱ शेष मुआवजा रािश ᱧ.
6,48,000/- (छः लाख अडतालीस हजार माᮢ) को ᱧ.
9,000/- कᳱ 72 (बहᱫर) समान भागᲂ मᱶ एफ.डी. मᱶ िवभािजत कर 01 से 72 माह कᳱ अविध के िलए बढ़ते ᮓम मᱶ िनवेश ᳰकया जाएगा । बᱹक ᳇ारा ᮧितमाह एक मािसक जमा रािश + संचयी ᭣याज कᳱ एक एफ.डी. एक एफ.डी. को ᮓमानुसार आवेदक के बᱹक खाते मᱶ जमा कर भुगतान ᳰकया जाएगा । 25. ᮧितवादी रेलवे को िनदᱷश ᳰदया जाता है ᳰक वह ᭣याज सिहत मुआवजा रािश को अपर िनबंधक ᳇ारा संचािलत रेल दावा अिधकरण, नागपुर के ᭭युटर मनी (Suitors Money) एकाउंट मᱶ इस आदेश कᳱ ितिथ से 60 ᳰदनᲂ के भीतर जमा करे । यह ᭭प᳥ ᳰकया जाता है ᳰक ᮧितवादी रेलवे ᭣याज सिहत मुआवजा रािश को जमा करते समय भुगतान का पूणᭅ िववरण जैसे यू.टी.आर नंबर, ᭣याज कᳱ गणना सिहत ᮧ᭜येक आवेदक के मुआवजा रािश का िह᭭सा इ᭜याᳰद कᳱ सूचना पंजीकृत डाक से आवेदकᲂ को देगा एवं इसकᳱ एक ᮧित अपर िनबंधक और आवेदकᲂ के अिधवᲦा को भी देगा । 26. आवेदक को यह िनदᱷश ᳰदया जाता है ᳰक वह अपने िनवास ᭭थान के िनकट ि᭭थत रा᳦ीयकृत बᱹक के खाते का िववरण इस अिधकरण के अपर िनबंधक के समᭃ ᳞िᲦगत ᱧप से उपि᭭थत होकर ᮧ᭭तुत करे । 27. यᳰद आवेदक टीडीएस कटौती कᳱ छूट के हकदार है तो वह फामᭅ 15-जी या फामᭅ 15-एच (वᳯर᳧ नागᳯरक) को इस आदेश कᳱ ितिथ से 15 ᳰदनᲂ के भीतर ᮧ᭭तुतकताᭅ अिधकारी के समᭃ जमा करे एवं इस ि᭭थित मᱶ मुआवजा रािश से ᳰकसी भी ᮧकार के टीडीएस कᳱ कटौती नहᱭ कᳱ जाएगी। 28. जीएसआर 347 (ई) ᳰदनांक 03 जून 2020 के अनुसार संशोिधत रेलवे दुघᭅटना एवं अनपेिᭃत दुघᭅटना (मुआवजा) िनयम 1990 के िनयम 5.4.4 के अनुपालन हेतु साविध जमा के िलए िन᳜िलिखत शतᲄ का पालन ᳰकया जाएः- I. आवेदक के बचत खाते या साविध जमा खाते पर बᱹक ᳰकसी भी संयुᲦ खाते कᳱ अनुमित नहᱭ देगा। II. इस अिधकरण कᳱ अनुमित के िबना आवेदक कᳱ साविध जमा पर ᳰकसी भी ᮧकार का लोन, अिᮕम, समय पूवᭅ भुगतान नहᱭ होगा। OA(IIu)/NGP/24/2023 9 / 9 III. बᱹक आवेदक को ᳰकसी भी ᮧकार कᳱ चेक बुक या डेिबट काडᭅ/ᮓेिडट काडᭅ जारी नही करेगा। य᳒िप चेक बुक या डेिबट काडᭅ/ᮓेिडट काडᭅ पहले से जारी ᳰकया गया हो तो मुआवजा रािश के भुगतान के पूवᭅ उसे िनर᭭त करेगा। IV. बᱹक आवेदक कᳱ पासबुक पर यह ᮧिवि᳥ करेगा ᳰक आवेदक को चेक बुक या डेिबट काडᭅ/ᮓेिडट काडᭅ जारी नहᱭ ᳰकए गए हᱹ और अिधकरण कᳱ अनुमित के िबना जारी नहᱭ ᳰकए जाएंगे। आवेदक उᲦ ᮧिवि᳥ के साथ बᱹक कᳱ पासबुक इस अिधकरण के अपर िनबंधक के समᭃ ᮧ᭭तुत करᱶगे । 29. उपरोᲦ आदेशानुसार इस दावे को मंजूर ᳰकया जाता है। तथािप, लागत के संबंध मᱶ कोई आदेश नहᱭ ᳰदया जाता है । 30. ᳰदनांक 31.07.2024 को खुले कोटᭅ मᱶ अिधघोिषत ᳰकया गया। 31. ा गया। 31. दावा फाईल अिभलेख िवभाग को सुपुदᭅ कᳱ जाए । (राजीव जैन) सद᭭य (᭠याियक) नागपुर. ᳰदनांक: 31.07.2024 #SK#